कर्ज लेकर स्मार्ट फोन बांटने की तैयारी, जोगी कांग्रेस ने उठाए सवाल

कहा-बेहतर होता टेबलेट बांटने से बढ़ाई जाती टॉवरों की कनेक्टीविटी

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ सरकार की आर्थिक स्थिति दयनीय है। सरकार दिवालिया होने के कगार पर है और रमन सिंह सरकार कर्ज में डूबी हुई है अब स्मार्ट फोन बांटने के लिए फिर कर्ज लेने की तैयारी है। जोगी कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता मनीशंकर पान्डेय प्रदेश सरकार के स्मार्ट फोन बांटने की योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के पास कर्मचारियों अधिकारियों और शिक्षाकर्मियों को वेतन देने के लिए पैसे नहीं है। छत्तीसगढ़ सरकार ने आरबीआई से 500 करोड़ रुपया लोन मांगा है, इससे सरकार आर्थिक स्थिति का अनुमान लगाया जा सकता है।

जनता कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ हजारों करोड़ों का लोन के कर्ज तले पहले से ही दबा हुआ है। बावजूद इसके सिर्फ युवाओं को लुभाने के लिए 50 लाख मोबाइल टेबलेट बांटने का लक्ष्य रखा गया है। पांडेय ने बताया कि मई महीने के 11 तारीख से सरकार मोबाइल और टेबलेट बांटने का लक्ष्य रखा है। समझने वाली बात है कि आखिर छत्तीसगढ़ सरकार के पास कहां से धन आएगा। प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ की जनता के साथ छलावा कर रही है। बेहतर होता कि मोबाइल बांटने से पहले राज्य सरकार मोबाइल टॉवरों की स्थिति ठीक कर लेती।

जोगी कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि रमन सरकार अपना खुद का सॉफ्टवेयर लगाकर मोबाइल बांटने वाली है। इस सॉफ्टवेयर के जरिए सरकार सारे मोबाइलों का नंबर और डाटा अपने पास सुरक्षित रखते हुए प्रचार का कार्य करेगी, ऐसा करना निजता का उल्लंघन होगा।

Back to top button