जोगी मरवाही के कमिया, अमित बलौदाबाजार की सामान्य से हो सकते हैं उम्मीदवार

राजनादगांव और मरवाही पर टिकी है राजनीतिक पंडितों की नजर

भरत सिंह

बिलासपुर: सात महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से ही बिसात बिछने लगी है, राजनीतिक पंडितों की नजर प्रदेश की दो महत्वपूर्ण सीटों राजनादगांव व मरवाही पर टिकी हुई है, मरवाही विधानसभा क्षेत्र में इस बार भाजपा,कांग्रेस व जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के बैनर तले चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के चेहरे बदले दिखाई देंगे, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सुप्रीमो अजीत जोगी पांच साल बाद एक बार फिर मरवाही का कमिया बनने चुनावी मैदान में उतरेंगे। अमित जोगी मरवाही के बजाय सामान्य सीट से चुनाव लड़ते दिखाई दें तो अचरज की बात नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस से अलग होने के बाद अजीत जोगी ने जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ नाम से क्षेत्रीय दल का गठन कर लिया है. जब से वे कांग्रेस से किनारा किए हैं , कांग्रेसी रणनीतिकारों ने मरवाही पर ध्यान देना शुरू कर दिया है.

बता दें कि जोगी के कोटमी की सभा के पखवाड़ेभर बाद ही कांगे्रस ने एकता रैली का आयोजन किया था, इसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल -नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव -पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. चरणदास महंत सहित दिग्गज कांग्रेसी नेता एक मंच पर नजर आए थे. तब से लेकर आजतक कांगे्रेसी रणनीतिकारों ने मरवाही विधानसभा क्षेत्र को अपनी प्राथमिकता में रखा है. संकल्प शिविर के दौरान दिग्गज कांगे्रसी नेताओं ने तीसरी बार एकजुटता का परिचय दिया। संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर कांग्रेस द्वारा लगातार कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, इससे जोगी कांग्रेस व भाजपाई रणनीतिकारों पर दबाव बढ़ते जा रहा है.

वर्ष 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान इस बार सभी राजनीतिक दलों ने उम्मीदवारों के चेहरे बदलने की कवायद तेज कर दी है. मरवाही विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान में जकांछ के सुप्रीमो जोगी के पुत्र अमित जोगी विधायक हैं. मरवाही की सीट पर कब्जा बरकरार रखना उनकी सहित पार्टी के रणनीतिकारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. भाजपा व कांग्रेस द्वारा मरवाही में जोगी को घेरने की कोशिश करेंगे। चुनाव के दौरान मिलने वाली सियासी चुनौती को ध्यान में रखते हुए जकांछ के रणनीतिकारों ने पार्टी सुप्रीमो पर दांव लगाने का मन बनाया है. जोगी के करीबी पदाधिकारियों के अनुसार तो पांच साल बाद एक बार फिर अजीत जोगी मरवाही का कमिया बनने अपने राजनीतिक करियर के उन तमाम अनुभवों को झोंकेगे जिससे मरवाही पर कब्जा बरकरार रहे।

जूनियर जोगी के लिए सुरक्षित सीट की तलाश

मरवाही से अजीत जोगी के चुनाव लड़ने की बन रही रणनीति के बीच रणनीतिकारों ने अमित जोगी के लिए सुरक्षित सीट की तलाश शुरू कर दी है. बलौदाबाजार जिले की दो महत्वपूर्ण सीटों पर पार्टी ने तीन दौर का सर्वे कराया। सर्वे में उनके लिए उस सीट को अनुकूल माना जा रहा है। बता दें कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में अमित अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट से लड़ने के बजाय सामान्य सीट से चुनाव लड़ते नजर आएंगे। मरवाही विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के बैनर तले चुनाव लड़ने के लिए दो पूर्व जज के अलावा शासकीय सेवा से जुड़े आला अधिकारी भी पीसीसी चेयरमैन के अलावा बड़े नेताओं से संपर्क साध रहे हैं.

कोटा से चुनाव लड़ने पुलिस विभाग से जुड़े आला अफसर भी तलाश रहे संभावना

कोटा विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस का अभेद गढ़ रहा है. आजादी के बाद से लेकर आजतक इस सीट पर किसी अन्य दल के उम्मीदवार ने जीत हासिल नहीं की है. विधानसभा उपचुनाव में भी कांग्रेस ने अपनी जीत का परचम लहराया है. वर्तमान में यहां से डॉ. रेणु जोगी विधायक हैं. बदली राजनीतिक परिस्थितियों में कोटा से इस बार उनकी उम्मीदवारों को लेकर आशंका जताई जा रही है. कोटा से नए चेहरे को मौका मिलने की उम्मीद में पुलिस विभाग से जुड़े एक आला अधिकारी भी संभावनाएं तलाश रहे हैं. चर्चा तो यहां तक है कि अभी हाल में कोटा विधानसभा क्षेत्र में हुए संकल्प शिविर के दौरान उन्होंने शिविर की सफलता के लिए दिल खोलकर चंदा दिया है. मरवाही विधानसभा क्षेत्र से जकांछ के सुप्रीमो अजीत जोगी चुनाव लड़ सकते हैं, ऐसी संभावना नजर आ रही है. जोगी मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने का पहले ही ऐलान कर चुके हैं।

Back to top button