आश्रम छात्रावास में बच्ची की मौत, विधानसभा में जोगी ने मंत्री को घेरा

रायपुर। विधायक अजीत जोगी ने पेंड्रारोड में कस्तूरबा गांधी छात्रावास में एक बच्ची की मौत के मुद्दे को ध्यानाकर्षण में उठाया। उन्होंने कहा कि गौरेला, पेंड्रा, मरवाही में बालक बालिका छात्रावास में अव्यवस्था है। छात्रावास में वार्डन नहीं है। शिक्षकों के स्थान पर छात्रावास में स्थाई वार्डन की नियुक्ति की जाए। पूरे प्रदेश में संभव नहीं है, तो कम से कम बिलासपुर में वार्डन नियुक्त किया जाए।

इस पर मंत्री प्रेमसाय सिंह ने कहा कि पेंड्रा के प्री-मेट्रिक छात्रावास की अधीक्षिका के अनुपस्थित रहने की शिकायत की जांच के बाद उन्हें बदला गया है। रनगा छात्रावास की अधीक्षिका को हटाकर विभागीय कार्यवाई की जा रही है। डायरिया की वजह से जनवरी में छात्रा की मौत हुई थी।

अजीत जोगी ने कहा कि असिस्टेंट डायरेक्टर ट्राइबल 170 किलोमीटर दूर बिलासपुर में बैठकर निगरानी करते हैं। छात्रावास रसोइयों के भरोसे चल रहे हैं, अधीक्षिका नदारद रहती हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि कलेक्टर, अपर कलेक्टर, एसडीएम, परियोजना अधिकारी को भी निरीक्षण का अधिकार है। स्थानीय स्तर पर भी निगरानी समितियां बनी हुई हैं।

जोगी ने सवाल किया, अधीक्षक के पद स्वीकृत हैं तो शिक्षकों को क्यों अधीक्षक बनाया जा रहा है। मंत्री ने कहा, सभी जगहों पर अधीक्षक नियुक्ति का प्रयास होगा। बच्ची की मौत पर उन्होंने कहा कि गौरेला में कुछ समय अस्पताल में रखकर बालिका को आश्रम ले जाया गया, वह ठीक नहीं हुई थी, इसलिये उसकी मृत्यु हो गई।

जोगी ने कहा कि किसी को इसका जवाबदार मानकर दंड मिलना चाहिए। सकोला की अधीक्षिका छुट्टी खत्म होने के बाद नदारद थी। पत्रकारों के कवरेज करने पर झूठी रिपोर्ट लिखा दिया गया। मंत्री ने कहा, सकोला अधीक्षिका को हटा दिया गया है। छपोरा गांव में तय सीमा से अधिक छात्राएं रहती हैं।। बजट की व्यवस्था होते ही नए छात्रावास खोले जाएंगे।

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