30 अगस्‍त से शुरू होगा भारत और कजाकिस्‍तान का संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास

यह दोनों देशों की सेनाओं के बीच एक संयुक्‍त प्रशिक्षण अभ्‍यास है जो भारत और कजाकिस्‍तान के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा।

new delhi: आगामी 30 अगस्‍त से भारत और कजाकिस्‍तान का संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास शुरू होगा। यह कजाकिस्‍तान के साथ बढ़ रहे रणनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूती देने का काम करेगा। यह अभ्यान सैन्‍य कूटनीति के एक हिस्‍से के रूप में ‘भारत-कजाकिस्‍तान संयुक्‍त प्रशिक्षण प्रयास का 5वां संस्‍करण’होगा जो कि ट्रेनिंग नोड, आइशा बीबी, कजाकिस्‍तान में 30 अगस्‍त से 11 सितम्‍बर तक आयोजित किया जाएगा।

भारत और कजाकिस्‍तान के द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी मजबूती

यह दोनों देशों की सेनाओं के बीच एक संयुक्‍त प्रशिक्षण अभ्‍यास है जो भारत और कजाकिस्‍तान के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा। इस अभ्‍यास में भारतीय सेना की टुकड़ी का प्रतिनिधित्‍व बिहार रेजि‍मेंट की एक बटालियन करेगी, जिसमें एक टुकड़ी कमांडर की अगुवाई में कुल 90 सैन्‍य कर्मी शामिल हैं और कजाकिस्‍तान सेना का एक प्रतिनिधित्‍व एक कंपनी समूह द्वारा किया जाएगा।

यह सैन्‍य अभ्‍यास भारत और कजाकिस्‍तान के सशस्‍त्र बलों को संयुक्‍त राष्‍ट्र के जनादेश के तहत पहाड़ी, ग्रामीण क्षेत्रों में उग्रवाद और आतंकवाद निरोधी अभियानों में दक्ष करने का एक अवसर प्रदान करेगा।

आतंकवाद और उग्रवाद संबंधी अभियानों के अनुभवों को किया जाएगा साझा

इस संयुक्‍त अभ्‍यास में दोनों देशों की सेनाओं के बीच पेशेवर रणनीतिक कौशल, उप इकाई स्‍तर पर आतंकवाद विरोधी माहौल में अभियानों की योजना और उनके क्रियान्‍वयन, हथियार चलाने संबंधी कौशल और आतंकवाद और उग्रवाद संबंधी अभियानों के अनुभवों को साझा किया जाएगा।

48 घंटों के दीर्घकालीन अभ्‍यास के बाद होगा समापन

यह सैन्‍य अभ्‍यास 48 घंटों के दीर्घकालीन अभ्‍यास के समापन के बाद समाप्‍त होगा, जिसमें आतंकवादियों के अर्धग्रामीण ठिकाने को नष्‍ट करने का परिदृश्‍य शामिल होगा। इस सैन्‍य अभ्‍यास से दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी विश्‍वास को बढ़ावा मिलेगा और अंतर संचालन तथा बेहतर विधियों को अपनाने में सक्षम होने का अवसर मिलेगा।

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