छत्तीसगढ़

पत्रकार सुरक्षा कानून बेहद आवश्यक: तेजराम विद्रोही

उनके कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा कार्यालय में पत्रकारों पर हमला उनके चरित्र को उजागर करता है

दीपक वर्मा

अभनपुर(रायपुर)। पिछले दिनों भाजपा कार्यालय में पत्रकार सुमन पाण्डे एवं बीचबचाव के लिए गए पत्रकारों पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट करना शर्मनाक है।

ऐसे पार्टी जो पंद्रह सालों से छत्तीसगढ़ सत्ता पर काबिज रही। उनके कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा कार्यालय में घटना को अंजाम देना पार्टी की चरित्र को उजागर करता है।

अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के राज्य सचिव कामरेड तेजराम विद्रोही ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पत्रकारों की अनिश्चितकालीन आन्दोलन का समर्थन किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओ द्वारा सुमन पांडेय एवं अन्य पत्रकारो के साथ मारपीट की घटना का जितना भी कड़े शब्दों में निंदा किया जाए कम है। भाजपा सरकार पंद्रह साल सत्ता में रही और इस दौरान रायपुर, बिलासपुर, गरियाबंद, बस्तर सहित प्रदेश के तकरीबन सभी जिलों में पत्रकारों के ऊपर हमले हुए हैं।

एक ओर भाजपा शासनकाल में जिन पत्रकारों की हत्या हुई है उनके अपराधी अब तक पकड़ से बाहर है और दूसरी ओर अब भाजपा कार्यकर्ता ही हमले कर रहे हैं जो बहुत ही शर्मनाक है।

पत्रकार सही मायने में जनता का आवाज है, जो बातें सीधे जनता शासन तक नहीं पहुंचा पाती उन्हें पत्रकार पहुंचा सकते हैं वे विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हैं इसलिए पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून का होना बेहद जरूरी है।

नौकरशाहों एवं खनिज माफिया का राज चल रहा है पुरे देश मे भगवा आंतक का माहौल है पत्रकारो ,लेखको की हत्या किया गया है, मानव अधिकार कार्यकर्ताओ पर झूटे मुकदमे चला कर जेल मे बदं कर रखा है ऐसे दोषी लोगो पर सख्त कार्यवाही किया जाना चाहिए।

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