न्यायाधीशों को सार्वजनिक करनी होगी संपत्ति की जानकारी

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बिलासपुर।

प्रदेश भर के न्यायिक अधिकारियों को 29 फरवरी तक अपनी चल अचल संपत्ति की जानकारी देनी होगी। यह जानकारी छत्तीसगढ़ सिविल सेवा;कंडक्टद्ध रूल्स 1965 के तहत मांगी गई है।

रजिस्ट्रार विजलेंस दीपक कुमार तिवारी की ओर से जारी स्मरण पत्र में हाईकोर्ट की वेबसाइट में निर्धारित प्रोफार्मा में पूरा ब्योरा उपलब्ध करने को कहा गया है। इसके अलावा डाक से हार्ड कॉपी भी देनी होगी। इसमें न्यायिक अधिकारियों को आवासीय मकान, अन्य बिल्डिंग, कृषि भूमि, प्लाट, जमीन खरीदने की तिथि, पारिवारिक संपत्ति, शासकीय सेवा में कार्यरत रिश्तेदार की जानकारी, चल अचल संपत्ति, अपनी ज्वेलरी, पत्नी के नाम ज्वेलरी, उपहार में मिले सामान का ब्योरा देना होगा। इसके अलावा किसी कंपनी का शेयर, बीमा पॉलिसी मूल्य समेत, बैंक में जमा राशि बैंक के नाम समेत उल्लेख करना है।

पूर्व चीफ जस्टिस ने की थी पहल

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस यतीन्द्र सिंह ने कार्यभार ग्रहण करते ही न्यायिक सेवा को पारदर्शी बनाने के लिए वर्ष 2013 में जस्टिस समेत सभी न्यायिक अधिकारियों को अपनी संपत्ति सार्वजनिक करने के निर्देश दिए थे। इस जानकारी को हाईकोर्ट की वेबसाइड पर भी अपलोड किया गया था।

उनकीसेवानिवृत्ति के उपरांत न्यायिक अधिकारियों ने संपत्ति की जानकारी नहीं दी थी। लंबे समय के बाद रजिस्ट्रार विजलेंस ने पूर्व के आदेश पर स्मरण पत्र जारी किया है।

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