रायगढ़ वन परिक्षेत्र में हाथियों के आतंक से थर्रा रहा जुनवानी, सर्किल प्रभारी मुख्‍यालय से नदारद

रोशन सोनी

रायगढ़।

हाथी प्रभवित क्षेत्र जुनवानी सर्किल में इन दिनों हाथियों का आतंक देखा जा रहा है। यहां हाथी लगातार रात को पहुंच रहे हैं और किसानों के फसल को बर्बाद कर रहे हैं।

बीती रात भी करीब 11 हाथियों के दल ने यहां पहुंच कर जमकर नुकसान पहुंचाया है। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।

इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक जुनवानी सर्किल में बीते दो रातों से हाथियों का दल गांव के करीब पहुंच रहा है। बीती रात भी लगभग 11 हाथियों का एक दल जुनवानी ग्रमीणों के खेत मे घुस गए और करीब साढ़े चार एकड़ फसल को बर्बाद कर दिया।

रात को हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल था, लेकिन वन विभाग के अधिकारियों को इसकी जरा भी चिंता नही। ग्रामीणों ने बताया कि जब तक हाथियों का दल गांव के करीब रहता है तब तक जानमाल का डर बना रहता है और वन विभाग के अधिकारी हाथी प्रभवित क्षेत्रो में कभी सुरक्षा को लेकर गंभीर नही हुए।

सिर्फ हाथी भगाने के नाम पर सरकारी खजाने में डाका डालने में लगे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात में जब हाथी आता है तो उन्हें खदेड़ने के लिए भी पर्याप्त संसाधन भी विभाग के पास नही है।

फ़िलहाल बीती रात हुए नुकसान का आंकलन कर आगे कार्यवाही की जा रही है। वहीं इस मामले में जब चर्चा करने डीएफओ कृष्णा जादव व रेंजर आरसी यादव के मोबाइल पर कॉल किया गया तो उनके मोबाइल की घंटी बजती रही, लेकिन उन्होने कॉल रिसीव नही किया।

मुख्यालय से नदारद रहता है सर्किल प्रभारी

जुनवानी के ग्रामीणों ने बताया कि हाथी प्रभावित अतिसंवेदनशील जुनवानी सर्किल में सर्किल प्रभारी अपने मुख्यालय से नदारद रहता है।

सिर्फ बीटगार्डो के भरोसे जुनवानी सर्किल को चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि इसकी शिकायत भी पूर्व में की जा चूकी है, लेकिन अधिकारी ही अपने मुख्यालय में नही रहते तो उनके अधीनस्थ कर्मचारी कैसे अपने मुख्यालय में रहें?

गड़बड़ी के लग चुके हैं कई आरोप

वनमंडल रायगढ़ में गड़बड़ियों के कई मामले उजागर हो चुके हैं। इसके बाद भी उच्चाधिकारी मामले को गंभीरता से नही ले रहे हैं।इसका कारण विभाग के जानकार बताते हैं कि विभाग के उच्च अधिकारियों के सहयोग से गड़बड़ी को अंजाम दे कर शासन को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है।

विदित हो कि बांस कूप का जलना और उसकी भरपाई के लिए अवैध कटाई का आरोप विभाग के अधिकारियों पर पहले लग चुका है। इसके अलावा हेलमेट और डंडा खरीदी में भ्रष्टाचार, बंगुरसिया में स्टापडेम निर्माण में गड़बड़ी, सारंगढ़ रेंज में पौधरोपण में गड़बड़ी के भी आरोप लग चुके हैं।

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