जंगल सफारी: 7 करोड़ का काम बिना टेंडर का

नया रायपुर स्थित जंगल सफारी में मुरुम मिट्टी का 7 करोड़ से ज्यादा का काम बिना टेंडर ही हुआ है।

रायपुर. नया रायपुर स्थित जंगल सफारी में मुरुम मिट्टी का 7 करोड़ से ज्यादा का काम बिना टेंडर ही हुआ है। विधानसभा में वन मंत्री महेश गागड़ा ने आज यह बात स्वीकार की। इस मामले में सवाल कांग्रेस के धनेंद्र साहू ने पूछा था।

प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक धनेंद्र साहू ने जंगल सफारी के खंडवा जलाशय में पिछले 3 सालों में मिट्टी-मुरुम के इस्तेमाल और दर का मामला उठाया। पिछले करीब 3 सालों में 7 करोड़ से ज्यादा तालाब के लिए वन विभाग ने मिट्टी-मुरुम पर खर्च किया।

विधायक धनेंद्र साहू ने पूछा- क्या टेंडर के जरिये मिट्टी-मुरुम का परिवहन और इस्तेमाल कराया गया। जवाब में वन मंत्री महेश गागड़ा ने माना कि कार्यादेश के आधार पर कार्य हुआ है, टेंडर पर नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा भविष्य में टेंडर के जरिये कार्य कराया जाएगा। विधायक धनेंद्र साहू ने कहा- तालाब के अधिग्रहण से आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।

3 सालों में तालाब के लिए मिट्टी-मुरुम पर खर्च की गई राशि

साल 2015-16 में 83 लाख 84 हजार 914 रुपये खर्च

साल 2016-17 में 16 लाख 38 हजार 870 रुपये खर्च

साल 2017-18 में 6 करोड़ 14 लाख 70 हजार 410 रुपये खर्च

कुल खर्च- 7 करोड़ 14 लाख 70 हजार 410 रुपये

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