छत्तीसगढ़

भाभी को जिंदा जलाने वाले युवक को आजीवन कारावास के साथ एक हजार का अर्थदंड

प्रेम विवाह के बाद पति-पत्नी के बीच था झगड़ा

पिथौरा: भाभी के शरीर में मिट्टी तेल उड़ेलकर आग लगाने वाले देवर को भादवि की धारा 302 के अपराध में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुषमा सावंत ने आजीवन कारावास एवं एक हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन के अनुसार मृतिका सुशीला का ग्राम अठ्ठारहगुडी निवासी राजकुमार ठाकुर से प्रेम-विवाह हुआ था।

विवाह उपरांत पति से मतभेद होने के कारण मृतिका अपने माता-पिता के साथ मायके ग्राम सिंघुपाली में रह रही थी। 23 मार्च को वह अपने मायके ग्राम सिंघुपाली के घर में अकेली थी। तभी अभियुक्त राजेश ठाकुर, जो मृतिका का देवर है। अपने एक अन्य साथी के साथ उनके घर गया और उसके उपर मिट्टी तेल डालकर आग लगाकर भाग गया।

इस दौरान पड़ोसी रसिया, अपनी पत्नी और मृतिका सुशीला की मंझली बहन के साथ घर में था। वह बचाओ-बचाओ का हल्ला सुनकर अपने घर से निकला, तो देखा कि सुशीला आग से जल रही थी। आग बुझाने के बाद गांव के बहुत से लोग एकत्र हो गये, तब सुशीला ने बातचीत के दौरान सभी को बताया कि उसका देवर एक अन्य आदमी के साथ आया और उसके उपर मिट्टी तेल डालकर आग लगाकर भाग गया।

उपस्थित लोगों ने तत्काल एंबुलेंस 108 बुलाकर सुशीला को शासकीय अस्पताल पिथौरा ले गये। उधर, पड़ोसी रसिया ने पिथौरा थाने में सूचना दी। जिसके आधार पर आरोपी देवर राजेश ठाकुर एवं एक अन्य के खिलाफ भादवि की धारा 307 सहपठित धारा 34 का अपराध दर्ज किया गया।

पिथौरा में प्रारंभिक इलाज के दौरान डॉ. एसएन डडसेना ने सुशीला बरिहा का मृत्युकालीन कथन दर्ज किया। उसे गहन चिकित्सा के लिए मेकाहारा रायपुर भेजा गया। इलाज के दौरान मेकाहारा में सुशीला की मृत्यु हो गई। पुलिस ने विवेचना के दौरान घटनास्थल से माचिस, कपडे़, मिट्टी और पांच लीटर वाला जरिकेन जब्त किया।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद महासमुंद जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुषमा सावंत ने अभियुक्त राजेश ठाकुर को भादवि की धारा 302 के अपराध के लिए आजीवन कारावास एवं एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

Tags
Back to top button
%d bloggers like this: