सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जे चेलमेश्वर का आख़िरी दिन

क्या न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर आज (शुक्रवार) प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के साथ मंच साझा करेंगे. इसको लेकर अब भी रहस्य बना हुआ है.

क्या न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर आज (शुक्रवार) प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के साथ मंच साझा करेंगे. इसको लेकर अब भी रहस्य बना हुआ है. हालांकि, शीर्ष अदालत शुक्रवार (18 मई) को जिन मामलों पर सुनवाई करने वाली है उसमें प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ में उनके नाम का उल्लेख है. हालांकि, पुष्टि के लिये न्यायमूर्ति चेलमेश्वर के कार्यालय से संपर्क नहीं हो सका. उच्चतम न्यायालय में यह परिपाटी है कि अगर कोई न्यायाधीश सेवानिवृत्त होता है तो अपने अंतिम कामकाजी दिन में वह अदालत संख्या 1 में प्रधान न्यायाधीश के साथ मंच साझा करता है.

विधिक गलियारे में इस सवाल को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या न्यायमूर्ति चेलमेश्वर उच्चतम न्यायालय में अपने अंतिम सामान्य कामकाजी दिन में प्रधान न्यायाधीश के साथ बैठेंगे. उच्चतम न्यायालय में 19 मई से ग्रीष्मावकाश हो रहा है. न्यायमूर्ति चेलमेश्वर समेत शीर्ष अदालत के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों ने 12 जनवरी को संवाददाता सम्मेलन करके प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ एक तरह से बगावत कर दी थी. न्यायमूर्ति चेलमेश्वर 22 जून को सेवानिवृत्त होंगे. उस दौरान शीर्ष अदालत में छुट्टी रहेगी. न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने अपने सम्मान में आयोजित होने वाले विदाई कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिये सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के निमंत्रण को ठुकरा दिया है. यह कार्यक्रम कल होना था.

इस बीच, न्यायमूर्ति चेलमेश्वर को गुरुवार (17 मई) को उनके न्यायिक नजरिये के लिये शीर्ष वकीलों से प्रशंसा मिली. पूर्व विधि मंत्री शांति भूषण ने तो उनकी तुलना न्यायमूर्ति एच आर खन्ना से की. न्यायमूर्ति खन्ना आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों के निलंबन को बरकरार रखने वाले उच्चतम न्यायालय के फैसले में असहमति जताने वाले एकमात्र न्यायाधीश थे. शांति भूषण और दुष्यंत दवे की टिप्पणी अदालत में गर्मी की छुट्टी से एक दिन पहले आई. भूषण ने कहा, ‘‘वह (न्यायमूर्ति एच आर खन्ना) अदालत संख्या दो में बैठते थे और लोग हमेशा उनके बारे में बात करते हैं. उनकी यहां तस्वीर है. मुझे भरोसा है कि आप भी यहां शीघ्र होंगे.’’ भूषण की राय से दुष्यंत दवे ने भी सहमति जताई.

Back to top button