जस्टिस लोया और दो साथी जजो की हत्या मृत्यु जैसे हाल छत्तीसगढ़ में भी : पूर्व सी बी आई मजिस्ट्रेट प्रभाकर ग्वाल

आप नेता पूर्व सी बी आई मजिस्ट्रेट प्रभाकर ग्वाल का रमन सरकार पर बेहद गंभीर आरोप

पूर्व सी बी आई मजिस्ट्रेट प्रभाकर ग्वाल ने कहा कि जस्टिस लोया और दो साथी जजो की हत्या मृत्यु जैसे हाल हमारे छत्तीसगढ़ में भी पुलिस अधिकारियो और न्यायिक अधिकारियों का हुआ है । लेकिन जाँच में सब कुछ दबा दिया गया ।

बतौर सीबीआई मजिस्ट्रेट मैने राहुल शर्मा के खात्मा कार्यवाही की जाँच की कार्यवाही शुरू की तभी मुझे स्थानांतरण करा दिया गया । बिलासपुर में पदस्थ पुलिस अधीक्षक श्री राहुल शर्मा का वास्तव में हत्या कर आत्म हत्या का कहानी बनाई गयी है । यदि प्रथम दृष्टया हत्या नही भी माने तो आत्म हत्या के दुष्प्रेरण का अपराध एक नव नियुक्त आरक्षक भी दर्ज कर लेगा । पर दुर्भाग्य है षड्यंत्र पूर्वक सीबीआई जाँच कर खात्मा कर लिया है ।

ये एक मात्र नियम, कानून है कि एक समूह की उपस्थिति में किसी की अस्वाभाविक मृत्यु होती है तो समूह जानता है कि मृत्यु कैसे हुई या यही लोग मृत्यु कारित किये हैं । सीबीआई को चाहिये था कि जस्टिस अग्निहोत्री, जीपी सिंह व अन्य का धारा 27 साक्ष्य अधिनियम के तहत मेमोरेंडम कथन लेता । पर ऐसा नही किया है । आज तक खात्मा की जाँच कार्यवाही पूरी नही हुई है । 5 मजिस्ट्रेट बदल चुके हैं । रमन सिंह की सरकार और रमन सिंह उच्च न्यायलय असफल हो गया है ।

रमन सिंह का सरकार और उच्च न्यायालय इसलिए कह रहा हूँ क्यों कि पी एम टी फैसले के बाद मेरे द्वारा राहुल शर्मा हत्या पर कार्यवाही की जा रही थी । जिसके बाद 12 सितम्बर को हाई कोर्ट जजों और रमन सिंह व पुलिस अधिकारीयों मध्य अंजोरा रायपुर में बैठक हुई और 14 सितम्बर को मेरा स्थानांतरण करा दिया गया.

<strong>सरकार तथ्य को छुपाना चाह रही थी</strong> : इस प्रकार एक न्यायिक हत्या मुंगेली में पदस्थ एडीजे लाल मेडम की हुई है, जिसने आत्म हत्या की थी, जिसकी सुसाइड नोट गायब करा दी गयी और मर्ग जाँच पर ही सभी कार्यवाही रुक गयी ।

इन सभी अपराधों के बोझ से जनता को अवगत करा के, पुनः नए सिरे से बहु सदस्यी जाँच टीम के साथ जाँच के लिए आम आदमी पार्टी अब सक्षम न्यालय का दरवाजा खटखटाएगी,जनता को सच जानने का अधिकार है.

new jindal advt tree advt
Back to top button