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जस्टिन ट्रुडू ने कहा भारत विरोधी गतिविधियों को समर्थन नहीं देगा कनाडा

अमृतसर : कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यहां वार्ता की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने कनाडा और पंजाब के हितों पर बातचीत की। जस्टिन ट्रुडो ने कहा कि कनाडा की जमीन से अलगाववादी गतिविधियों को समर्थन नहीं दिया जाएगा अैर इसे चलने नहीं दिया जाएगा। कनाडा सरकार भारत या भारत से बाहर इस तरह की गतिविधियों को उनकी सरकार बिल्कुल समर्थन नहीं देगी।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो बुधवार को गुरुनगरी के दौरे पर आए थे। उन्होंने श्री दरबार साहिब मे दर्श्शान किया और अमृतसर के अन्य ऐतिहासिेक स्थलाें का दौरा किया। दाेपहर बाद कनाडा के पीएम और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच होटल स्वर्ण ताज में वार्ता हुई। होटल में पहुंचने पर कैप्टन अमरिंदर ने जस्टिन ट्रुडो का गर्मजोशी से स्वागत किया।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने जस्टिन ट्रुडो को इस अवसर पर सम्मानित किया और पंजाब का दौरा करने के लिए उनका आभार जताया। दोनों नेताओं ने पंजाब और कनाडा के आपसी हितों पर बात की। कैप्टन अमरिंदर ने कनाडा में भारत और पंजाब विरोधी गतिविधियां का मुद्दा उठाया। उन्होंने खालिस्तानी संगठनां क गतिविधियों का मामला उठाते हुए इन पर कार्रवाई की मांग की।

इस पर जस्टिन ट्रुडो ने कहा कि कनाडा की धरती पर एेसी गतिविधियों की अनुमति किसी भी सूरत में नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कनाडा अपने यहां भारत विरोधी गतिविधियों को कतई समर्थन नहीं देगा। इस बारे में उनकी सरकार सभी संभव कदम उठाएगी।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बैठक के दौरान ए कैटेगरी के नौ ऐसे समूहों और उनके सदस्यों की सूची सौंपी जाे कनाडा से भारत और पंजाब विरोधी गतिविधियां चला रहे हैं। कैप्टन ने कहा कि ये समूह कनाडा और भारत में घृणा और आतंक का माहौल तैयार करने मेु जुटे हुए हैं। इसे किसी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। यह उन लोगों की सूची है जो पंजाब में घृणा अपराध के लिए वित्त या हथियार आपूर्ति के लिए जिम्मेवार है।

जस्टिन ट्रुडो ने क्युबेक में अलगाववाद की मूवमेंट पर की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी इस तरह के खतरे को सख्ती से निपटा है। इस मामले में भी वह सख्ती से कदम उठाएंगे। दोनों नेताओं की बैठक में पंजाब और कनाडा के संबंधों व व्यावसायिक हितों पर खुलकर बातचीत हुई। दोनों नेताओं की बैठक 20 मिनट तक होनी थी लेकिन खुले माहौल में यह 40 मिनट तक चली।

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