छत्तीसगढ़राज्य

जुवेनाइल ही कल के भविष्य हैं, इनके संरक्षण की जरूरत : जस्टिस टीबी राधाकृष्ण

मुंगेली एसपी पारुल माथुर संभालेंगे प्रदेश नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी, चेतना अभियान की चीफ जस्टिस ने की तारीफ....

बिलासपुर: हाईकोर्ट छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश टीबी राधाकृष्ण ने जुवेनाइल मामलों की लगातार बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस के चेतना अभियान की तारीफ की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए चीफ जस्टिस ने कहा कि जुवेनाइल ही कल का भविष्य है और आज के हालात में इनके संरक्षण की अत्यधिक जरूरत महसूस की जा रही हैं इस वजह से बतौर इम्फोर्समेंट एजेंसी पुलिस को निश्चित तौर पर अपनी कार्रवाई की शैली बदलनी होगी।

चेतना अभियान की बारीकियों को समझकर चीफ जस्टिस ने कहा कि यह पहल ईमानदारी से की जाय तो काफी कारगर होगा, पुलिस उप महानिदेशक आर के विज ने महकमे के जिम्मेदार अधिकारियों से जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के पालन को लेकर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने उम्मीद जाहिर है, दो दिन के वर्कशॉप से जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के पालन को लेकर पुलिस अब जिले से लेकर थाना स्तर पर बच्चों के लिए सर्वोत्तम कार्रवाई कर सकेंगे।

मीडिया से बात करते हुए श्री विज ने कहा कि पास्को एक्ट और जुवेनाइल एक्ट के बेहतरीन क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में चेतना नामके अभियान के तहत 6 अगस्त 2017 को रायपुर, दुर्ग सहित 6 जिलों में चेतना अभियान की शुरूआत की गई थी। इसके बाद 8 मार्च 2018 को प्रदेश के अन्य 11 जिलों में भी चेतना अभियान की शुरुआत की गई हैं। चाईल्ड एम्पोवेर्मेंट विद नॉलेज एन्ड अवेयरनेस (चेतना) का मकसद जुवेनाइल को खुद को सुरक्षित रखने के तौर तरीकों को लेकर जागरूक बनाया जा रहा है, ताकि वो गुड और बैड टच को लेकर अवेयर हो सके।

चेतना बच्चों को यह भी सिखाती है कि अपने साथ किसी भी तरह के दुर्व्यवहार को लेकर वो अपने माता पिता,बड़े भाई-बहन, शिक्षक और अपने से बड़े ऐसे लोग जिनपर वो भरोसा कर सकें उनके साथ अपनी तकलीफ शेयर कर सकें। आज समाज मे किशोरों के साथ और किशोरों के द्वारा किए जा रहे अपराधों की लगातार बढ़ती जा रही संख्या को देखते हुए पुलिस को भी जुवेनाइल मामलों से सावधानी और संवेदनशील बरतने की जरूरत बाद गई है।

इसको देखते हुए जिले स्तर पर विशेष किशोर पुलिस इकाई और थाना स्तर पर बाल कल्याण पुलिस अधिकारी नियुक्त किए जा रहे है। चेतना यनि चाइल्ड एम्पोवेर्मेंट थ्रू नॉलेज एन्ड अवेयरनेस अभियान को लेकर पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज दीपांशु काबरा इसे जुवेनाइल एक्ट के अनुपालन में एक सार्थक और कारगर बताया। उन्होंने कहा कि समाज की बदलती परिस्थितियों के मुताबिक पुलिस को भी खासतौर पर जुवेनाइल मामलों की थाना स्तर पर बेहतर कार्रवाई सुनिश्चित करना जरूरी है।

कार्यक्रम में शामिल मुंगेली पुलिस अधीक्षक पारूल माथुर को प्रदेश में चेतना का मुख्य नोडल अधिकारी बनाया गया है । उन्होंने बताया कि चेतना के तहत जुवेनाइल मामलों में घटना होने के बाद पहुंचने की बजाए पुलिस प्रिवेंशन के दिशा में कार्य कर रही है, ताकि जुवेनाइल के साथ सही मायनों में न्याय हो सके।

बेहतर परफार्मेंस वाले अधिकारी हुए सम्मानित

पिछले दिनों बिलासपुर में संपन्न दो दिनों की कार्यशाला में चेतना अभियान को लेकर 2017-18 में अपने जिले में बेहतर काम करने वाले जिलों को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने अपने हाथों से पुरस्कार एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए, चेतना अभियान के पालन को लेकर गरियाबंद जिले ने प्रथम, बिलासपुर ने दूसरा और तीसरा स्थान राजनांदगांव ने हासिल किया।वर्कशाप में हइकोर्ट के जस्टिस गौतम भादुड़ी सहित बिलासपुर, रायगढ, कोरबा,मुंगेली और जांजगीर-चाम्पा जिले के पुलिस के आला अधिकारी, जुवेनाइल मामलों को लेकर काम करने वालेVV एनजीओ, cwc के अधिकारी, और पुलिस के विवेचना अधिकारियों सहित प्रेस और मीडिया के लोग शामिल हुए।

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