पंचतत्व में विलीन हुए कल्याण सिंह, नम आखों से हुई विदाई

​89 साल की उम्र में कल्याण सिंह का 21 अगस्त को निधन हो गया था।

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह अनंत यात्रा पर प्रस्थान कर गये। देश के गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्र व प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों की मौजूदगी में अतरौली के नरौरा घाट पर कल्याण सिंह का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। वैदिक मंत्रों के बीच उन्हें मुखाग्नि दी गई। ​89 साल की उम्र में कल्याण सिंह का 21 अगस्त को निधन हो गया था।

कल्याण सिंह का निधन बहुत बड़ी क्षति

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के अन्तिम दर्शन कर दिवंगत नेता को श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कल्याण सिंह का निधन बहुत बड़ी क्षति है। देशभर, विशेषकर उत्तर प्रदेश के गरीबों और पिछड़ों ने अपना एक हितचिंतक गंवाया है।

उत्तर प्रदेश के विकास व गरीबों को समर्पित रहा जीवन

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह श्री रामजन्मभूमि आंदोलन के एक बड़े नेता रहे और इस आंदोलन के लिए सत्ता त्यागने में उन्होंने तनिक भी नहीं सोचा। उन्होंने आगे कहा कि जब श्री रामजन्मभूमि का शिलान्यास हुआ, उसी दिन उनकी बाबूजी से बात हुई थी और उन्होंने बड़े हर्ष और संतोष के साथ कहा था कि उनके जीवन का लक्ष्य आज पूरा हो गया है। उनका पूरा जीवन उत्तर प्रदेश के विकास व गरीबों को समर्पित रहा और वे इस राज्य को देश का सबसे अच्छा प्रदेश बनाने के लिए सदैव कार्यरत रहे।
गृह मंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह का एक बहुत ही गरीब तबके से उठकर इतना बड़ा नेता बनना, विचारधारा के लक्ष्यों के लिए जीवनभर संघर्षरत रहना, समाज के गरीब और पिछड़े वर्ग के लिए हमेशा अपने आप को समर्पित रखना, ये सब हमारी पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक रहेगा।

अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बाबूजी के जाने से राजनीतिक नभ में, विशेषकर हमारी पार्टी के लिए, एक बड़ी रिक्तता आई है और इस रिक्तता को लंबे समय तक भर पाना बहुत मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि काफी समय से सक्रिय राजनीति में ना रहते हुए भी जिस प्रकार का जनसैलाब बाबूजी को श्रद्धांजली देने के लिए आया है, विशेषकर युवाओं की संख्या, ये यही बताता है कि उनके जीवन ने उत्तर प्रदेश के सार्वजनिक जीवन पर एक गहरी छाप छोड़ी है।

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