कमला मिल मामला – मुंबई हाईकोर्ट ने जांच समिति को 10 सितंबर को रिपोर्ट सौंपने को कहा

मुंबई: बंबई उच्च न्यायालय ने कमला मिल परिसर में लगी आग की जांच के लिए गठित समिति को अपनी रिपोर्ट 10 सितंबर को सौंपने का निर्देश दिया है. पिछले साल 29 दिसंबर को लगी आग में 14 लोगों की मौत हो गयी थी. इसी साल अप्रैल में, उच्च न्यायालय ने इस घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने का आदेश दिया था. इसके बाद एक समिति गठित की गयी जिसके अध्यक्ष सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश ए वी सावंत हैं. इसके दो अन्य सदस्यों में वास्तुकार वसंत ठाकुर और पूर्व मुख्य सचिव के नलिनाकशन शामिल हैं. समिति को 31 अगस्त को अपनी रिपोर्ट उच्च न्यायालय को सौंपने को कहा गया था.

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने आज न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति एम एस कर्णिक की पीठ के समक्ष आवेदन देकर अनुरोध किया कि समिति को अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए और समय दिया जाए. निगम के वकील अनिल सखारे ने कहा कि समिति ने अपनी कार्यवाही पूरी कर ली है. सभी आंकड़े संकलित किए जा रहे हैं तथा रिपोर्ट तैयार की जा रही है. उन्होंने कहा कि समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 10 सितंबर तक का समय मांगा है.
पीठ ने यह अनुरोध स्वीकार कर लिया.

कमला मिल्स परिसर स्थित एक पब में लगी आग के सिलसिले में 20 जनवरी को तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में पब के मालिकों जिगर सांघवी, कृपेश सांघवी और अभिजीत मांकड़ के साथ ही पास के मोजोस बिस्त्रो के मालिकों युग पाठक और युग टुल्ली को पहले ही गिरफ्तार किया गया था. जांच रिपोर्ट में कहा गया कि कमला मिल्स के मालिकों ने दोनों पबों को छत पर अवैध रूप से बदलाव करने और उसका इस्तेमाल करने की इजाजत दी गई थी.

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