छत्तीसगढ़

कानन पेंडारी : जर्जर हालत में पहुंचे जानवरों के केज, हो सकती है बड़ी घटना

शनिवार को चिड़ियाघर का अवलोकन किया तो पाया कि तेंदुए के केज में लगी धातु की सुरक्षा जाली पुरानी होकर टूट रही है। जंग खाई हुई जाली की हालत कमजोर हो चुकी है।

छत्तीसगढ़ के प्रमुख चिड़ियाघरों में से एक कानन पेंडारी में रख-रखाव और संधारण के अभाव में अधोसंरचना पुरानी और जर्जर होती जा रही है।

स्थिति यह है कि यहां खुंखर जानवरों के केज जर्जर हालत में पहुंच गए हैं। कभी भी कोई अनहोनी घट सकती है। केज इतने कमजोर हैं कि यह कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकता है और बड़ी घटना हो सकती है।

शनिवार को चिड़ियाघर का अवलोकन किया तो पाया कि तेंदुए के केज में लगी धातु की सुरक्षा जाली पुरानी होकर टूट रही है। जंग खाई हुई जाली की हालत कमजोर हो चुकी है।

इसके आगे बढ़ने पर पक्षियों के बाड़े में भी यही स्थिति है। बाड़े की छतें भी क्षतिग्रस्त दिखाई पड़ रही हैं। दर-रखाव के अभाव में केज जर्जर हो गया है और वन्यप्राणियों के बाहर निलकने का खतरा बना हुआ है।

पिछले वर्ष यहां तेंदुए के केज निर्मांण के लिए 50 लाख स्र्पये की राशि स्वीकृत हुई थी, लेकिन काम न हो पाने के कारण यह राशि वापस चली गई। चिड़ियाघर प्रबंधन अब फिर से प्रस्ताव बना रहा है।

कानन पेंडारी चिड़ियाघर के प्रभारी रेंजर अजय शर्मा ने बताया कि चालू वर्ष में नए केज निर्मांण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इस पर बजट मिला था, लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया।

चिड़ियाघर में तेंदुए को सुरक्षित जगह पर रखने के लिए दूसरी जगह केज बनवाना प्रस्तावित है। इसके लिए जगह का चयन किया जा चुका है। वर्तमान में केज की जो स्थिति है, उसमें मरम्मत से काम नहीं चलेगा।

यह केज काफी पुराने हो चुके हैं। इस विषय में वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी भेजी जा चुकी है। नए केज के लिए बजट का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही बजट पास होता है काम शुरू कर दिया जाएगा।<>

 

 

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