मारी गई नरभक्षी बाघिन, महाराष्ट्र सरकार ने दिया था शूट-एट-साइट का आदेश

'अवैध निर्माण के कारण जानवरों से टकराव बढ़ा'

नई दिल्ली :

14 इंसानों को अपना शिकार बनाने वाली नरभक्षी बाघिन अवनि को मार दिया गया है. कई दिनों से यवतमाल में पंधरकावड़ा जंगल के आसपास रहने वाले लोगों की नींद हराम कर चुकी थी अवनि को मारने महाराष्ट्र सरकार ने शूट-एट-साइट का आदेश दिया था.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अवनि को उसके दो बच्चों के साथ पहली बार 2012 में यवतमाल के जंगलों में देखा गया था. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो सालों में अवनि ने 14 इंसानों को मारकर खाया है.

सरकार ने बुलवाए थे शिकारी

फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की तरफ से PCCF (वाइल्ड लाइफ) ए के मिश्रा ने बाघ को मारने के लिए नवाब शफकत अली खान को शूटिंग का आदेश दिया था. खान, विवादास्पद मार्कमैन (पदचिन्हों की पहचान करने वाले) हैं. हालांकि अवनि को शफकत अली खान के बेटे अशगर अली खान ने मारा है. घटना के वक्त शफकत वहां मौजूद नहीं थे.

कई एनवॉयरमेंट एक्टिविस्ट का कहना है कि पंधरकावड़ा जंगल में अवैध घास चराई, अवैध अतिक्रमण और एक प्राइवेट सीमेंट फैक्ट्री के विस्तार के चलते जानवरों का इंसानों से टकराव बढ़ गया है. ऐसे में जानवरों के हमले इलाके में तेज हो गए हैं और बाघ जैसे जानवर आदमखोर हो रहे हैं.

लोगों ने मनाई खुशियां

पंधरकावड़ा इलाके के लोग बाघिन अवनि के नरभक्षी होने के बाद से ही खौफ के साये में जी रहे थे.अवनि को मारे जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है. कुछ लोगों ने तो इसकी खुशियां मनाते हुए पटाखे जलाए और मिठाई बांटी है.

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