कांकेर : मत बहिष्कार के फरमान के बाद भी मताधिकार का प्रयोग कर रहे मतदाता

कांकेर विधानसभा क्षेत्र में कुल 1 लाख 70 हजार 316 मतदाता

कांकेर:

कांकेर विधानसभा का हाल कांकेर के बूथ क्रमांक 61 में मतदान 1 घंटे 20 मिनट की देरी से शुरू हुआ। एक घंटे से मतदाता लाइन में अपना वोट डालने के लिए खड़े हुए थे, जिसके कारण लोगों में खासा नाराजगी देखने को मिली।

VVPAT में आ रही दिक्कतों के कारण मतदान में देरी हुई। कांकेर के जनकपुर वार्ड में VVPAT मशीन तीन बार खराब होने की खबर आ रही हैं। नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में एक घंटे में लगभग 13 फीसदी से ज्यादा मतदान किया जा चुका हैं।

मतदान में हिस्सा लेने के लिए महिलाओं और युवाओं में ज्यादा उत्साह देखने को मिला लगातार माओवादी संगठन के सदस्यों के मत बहिष्कार के फरमान के बाद भी लोग घरों से निकलकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने पोलिंग बूथ पहुंच रहे हैं।

प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते मतदाता बेझिझक मतदान केंद्र पहुंचकर अपने-अपने प्रत्याशियों का चयन कर रहे हैं।</p>

कांकेर विधानसभा सीट

2013 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने यहां से बीजेपी को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। 2008 के आम चुनाव में यहां से बीजेपी की सुमित्रा मार्कोले ने कांग्रेस की प्रीति नेताम को मात दी थी, जबकि 2003 के चुनाव में बीजेपी के अघन सिंह ने कांग्रेस के श्याम ध्रुव को पटखनी दी थी।

कांकेर विधानसभा क्षेत्र में कुल 1 लाख 70 हजार 316 मतदाता हैं। जिसमें 82 हजार 650 पुरुष मतदाता और 87 हजार 664 महिला मतदाताओं की संख्या हैं। क्षेत्र में दो थर्ड जेंडर के भी मतदाता हैं।</>

आदिवासी वोट बैंक के अलावा यहां ओबीसी फैक्टर चुनाव में काफी हावी रहता हैं। 2013 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने हीरा मरकाम और कांग्रेस ने शिशुपाल सोरी को उम्मीदवार बनाया हैं।

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