ग्वालियर जूलाजिकल पार्क को कानन पेंडारी जू प्रबंधन देगा बतौर गिफ्ट दो भालू

अंकित राजपूत :

बिलासपुर:

कानन पेंडारी जू प्रबंधन द्वारा ग्वालियर जूलाजिकल पार्क को बतौर गिफ्ट दो भालू दिया जा रहा है। इसके बदले में वहां से औपचारिकता के लिए उन पक्षियों को लाया जाएगा जो कानन में पहले से उपलब्ध है। ग्वालियर की टीम सप्ताहभर के भीतर पक्षियों को लेकर बिलासपुर पहुंचेगी।

कानन पेंडारी जू वन्यप्राणियों की संख्या के मामले में अब धनी हो गया है। यहां कई प्रजातियां सरप्लस हैं। इन्हीं में एक भालू है। वर्तमान में यहां 13 भालू हैं। वन्यप्राणियों की अदला. बदली के तहत कुछ महीने पहले ग्वालियर जू प्रबंधन ने कानन पेंडारी से भालू की मांग की थी।

साथ ही इसके बाद वह जिन वन्यप्राणियों को देने के लिए इच्छुक है इसकी सूची भेजी गई। इस सूची में कोई भी ऐसी प्रजाति नहीं थी जो कानन पेंडारी में नहीं है। यही वजह है कि वे भालू देने के लिए राजी हो गए। लेकिन बदले में कुछ नहीं मांगा।

हालांकि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण का नियमानुसार वन्यप्राणियों की अदला. बदली की इस प्रक्रिया के तहत कोई न कोई प्रजाति लेनी है। इसलिए औपचारिकता पूरी करने के लिए कानन प्रबंधन ने कोकाडीलए बजरी व लव बर्ड की पक्षियां लेने की इच्छा जताई।

यह तय हुआ है कि ग्वालियर जू प्रबंधन पक्षियों को लेकर कानन पेंडारी आएगा और यहां से दोनों भालुओं को लेकर जाएगा। यहां से जिन भालुओं को देने का निर्णय लिया गया है उनकी उम्र दो साल और एक नर व दूसरा मादा है। इनके जाने के बाद कानन पेंडारी में 11 भालू शेष रह जाएंगे।

कानन पेंडारी जू इन दिनों केज की कमी से जूझ रहा है। सालों से नए केज का निर्माण नहीं हुआ है। जबकि बीच. बीच में आसपास के जंगल में बिछड़े व घायल भालुओं को लाने और जू में ही जन्म के कारण इनकी संख्या तेजी बढ़ती गई। वर्तमान में पर्यटकों को दिखाने के लिए जिस केज में भालुओं को रखा गया है उसकी क्षमता चार की है। बाकी को रेस्क्यू सेंटर व पुराने केज में रखे गए हैं। यहां तक पर्यटक नहीं पहुंच पाते हैं।

Back to top button