राजनीति

कर्नाटक CM का ऐप भी ‘गायब’, जानिए क्या बताई वजह

कांग्रेस और बीजेपी के बीच फेसबुक डाटा लीक मामले में आरोप- प्रत्यरोप के बीच गूगल प्ले स्टोर से कांग्रेस के ऐप के गायब होने के बाद अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का ऐप भी गायब हो गया है.

कांग्रेस और बीजेपी के बीच फेसबुक डाटा लीक मामले में आरोप- प्रत्यरोप के बीच गूगल प्ले स्टोर से कांग्रेस के ऐप के गायब होने के बाद अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का ऐप भी गायब हो गया है. यह ऐसे समय में गायब हुआ है जब ट्विटर पर एक व्यक्ति द्वारा यह आरोप लगाया गया है कि ऐप्स यूजर्स के निजी डेटा को निजी कंपनी को बेचती हैं.

दरअसल, बीजेपी कर्नाटक के ट्विटर पेज से कांग्रेस पर हमला बोला गया था. बीजेपी ने ट्वीट कर लिखा था कि पिछले चार दिनों में कांग्रेस केंद्र में रही है, पहले कांग्रेस ने अपना ऐप हटाया, विसलब्लोअर क्रस्टफर विली ने कांग्रेस को सीए का क्लाइंट बताया, कैम्ब्रिज एनालिटिका के निलंबित सीईओ एलेक्सजेंडर निक्स के दफ्तर में कांग्रेस का पोस्टर दिखा और अब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपना ऐप डिलीट कर दिया है.

फ्रांसीसी सुरक्षा शोधकर्ता बैप्टिस्ट रॉबर्ट ने अपने ट्विटर पेज (@fs0c131y) पर जानकारी दी कि यूजर्स के नाम, फोन नंबर, जन्म तिथि और लिंग निजी कंपनी को भेजा जाता है. हालांकि, सीएम और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने चुनाव आचार संहिता के पालन हेतु अपना ऐप डिलीट करवाया है.

‘चुनाव आचार संहिता के कारण डिलीट करवाया ऐप’

इस ट्वीट के जवाब में सीएम सिद्धारमैया ने ट्वीट कर अपने ऐप को डिलीट किए जाने को लेकर सफाई पेश की है. उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता का पालन करते हुए उन्होंने अपने ऐप को सस्पेंड करवा दिया है. उन्होंने कहा, ‘ऐप में मेरे कई तस्वीरें हैं, व्यक्तिगत रूप से उन्हें हटाना (डिलीट करना) ही एक मात्र विकल्प नहीं है. इसलिए मैंने चुनाव आचार संहिता के अनुपालन के लिए संबंधित विभाग को सीएम सिटीजन कनेक्ट ऐप को सस्पेंड करने को कहा. चुनाव के बाद इस ऐप को दोबारा शुरू किया जा सकता है.’

इससे पहले बीजेपी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर सिद्धारमैया ऐप के जरिए लोगों का पैसा चुराने का आरोप लगाया था. बीजेपी प्रवक्ता पात्रा ने कहा था, “क्या निजी राजनीतिक ब्रांडिंग करने के लिए लोगों के पैसे का उपयोग करना सही है? यह केवल डेटा चोरी नहीं है, बल्कि लोगों के पैसे की डकैती करना भी है.”

‘प्रौद्योगिकी रूप से अज्ञानी हैं राहुल गांधी’

बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोप पर पलटवार करते हुए उन्हें ‘प्रौद्योगिकी रूप से अज्ञानी’ बताया था और कहा कि ऐप पर सामान्यत: इजाजत लेने के लिए पूछने का मतलब जासूसी करना नहीं है. राहुल ने इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया था कि वह अपने पद का इस्तेमाल कर नमो ऐप के जरिए लाखों लोगों के डेटा का इस्तेमाल निजी डेटाबेस तैयार करने के लिए कर रहे हैं.

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “यह राहुल गांधी की प्रौद्योगिकी अज्ञानता का उत्कृष्ट मामला है. प्रौद्योगिकी रूप से वह काफी पिछड़े हुए हैं. एनलिटिका जासूसी करने या टोह लेने के बराबर नहीं है? उस तरह के प्रौद्योगिकी रूप से अज्ञानी लोग इसे जासूसी करना बता रहे हैं.”

राहुल ने मोदी पर पद का दुरुपयोग कर ‘सरकार द्वारा प्रचारित नमो एप के जरिए लाखों भारतीयों के डेटा’ से निजी डेटाबेस तैयार करने का आरोप लगाया था और उन्हें बिग बॉस करार देते हुए कहा था कि ‘बिग बॉस को जासूसी करना पसंद है.’

यही नहीं, राहुल ने पीएम पर अपने नमो ऐप के जरिए ऑडियो, वीडियो रिकॉर्ड करने व जीपीएस के जरिए उपभोक्ताओं की स्थिति का पता लगाने का आरोप लगाया था. इसपर पात्रा ने राहुल पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया और कहा, “राहुल एनलिटिका मामले से इतने परेशान हो गए हैं कि वह प्रतिदिन इससे ध्यान भटकाने का प्रयास करते हैं.”

कांग्रेस ने अपने ऐप को हटाया- बीजेपी

इस वाक्युद्ध का अखाड़ा ट्विटर बन गया है जहां भाजपा ने विपक्षी दल पर डाटा चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपों के सामने आने के बाद उसने अपने ऐप को हटा लिया है. बहरहाल कांग्रेस ने दावा किया कि उसने ऐसा नहीं किया. उसकी साइट ने काम करना बंद कर दिया है तथा सदस्य बनाने के काम को पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट के जरिये किया जा रहा है.

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