कोरोना महामारी को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने रमजान के लिए जारी की गाइडलाइन्स

कंटेनमेंट जोन्स की मस्जिदें बंद रहेंगी और बड़ी सभा प्रतिबंधित रहेंगी

नई दिल्ली: रमजान का महीना चांद के दीदार के साथ शुरू होता है. साल 2021 में ये पवित्र महीना 13 अप्रैल से शुरू हो चुका है. भारत में भी रमजान का चांद दिख गया है. जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोग एक-दूसरे को बधाइयां दे रहे. रमजान के महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं. सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक भूखे प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत की जाती है. इन दिनों नमाज पढ़ने का विशेष महत्व माना जाता है.

वहीँ कर्नाटक में कोरोना महामारी को देखते हुए रमजान के लिए गाइडलाइन्स जारी की है. गाइडलाइन्स के मुताबिक, कंटेनमेंट जोन्स की मस्जिदें बंद रहेंगी और बड़ी सभा प्रतिबंधित रहेंगी. वरिष्ठ नागरिकों, प्रेगनेन्ट महिलाओं, 10 साल से नीचे के बच्चे और चिह्नित बीमारी वाले लोगों को मस्जिद में दाखिले को रोका गया है. फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा. पाबंदियां कोविड-19 के रोजाना की संख्या में वृद्धि को देखते हुए लागू की गई हैं. सरकार की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, सख्त अनुपालन के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं.

कोविड-19 के मद्देनजर मस्जिदों के लिए सरकार की गाइडलाइन्स बड़ी सभा/जमावड़ा प्रतिबंधित रहेगी, हर वक्त 2 मीटर यानी छह फीट की दूरी बनाए रखना होगा. फर्श पर खास निशान लाइन को नियंत्रित करने के लिए बनाए जाएंगे और 2 मीटर की शारीरिक दूरी होगी.

आगंतुकों के दाखिले को क्रमबद्ध तरीके से लगाया जाएगा, फेस मास्क का इस्तेमाल अनिवार्य होगा. खांसी के शिष्टाचार का सख्ती से पालन किया जाएगा. खांसते, छींकते वक्त रूमाल से मुंह, नाक ढंकना होगा.

मस्जिद में दाखिले के वक्त प्रशिक्षित वॉलेंटियर से थर्मल स्कैनिंग की सेवा लेने का काम किया जाएगा. 237.5 डिग्री सेल्सिय या 299.5 डिग्री फॉरेनहाइट तापमान, खांसी के लक्षण, जुकाम, गले की सूजन में मनाही. सांस लेने में दिक्कत वाले को अंदर जाने की अनुमति नहीं मिलेगी और मेडिकल सुझाव के लिए भेजा जाएगा.

कोविड-19 के बारे में एहतियाती उपाय प्रमुखता से लोगों को जागरुक करने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे. नियमित रूप से कोविड-19 के एहितायती उपाय ऑडियो, वीडियो की शक्ल में जागरुकता के लिए किए जाएंगे.

हाथ धोने के लिए पानी और साबुन का प्रावधान किया जाएगा या सैनेटाइजर उचित जगह पर उपलब्ध कराए जाएं. पार्किंग क्षेत्र और बाहर के प्रांगण में उचित भीड़ नियंत्रण का प्रबंध शारीरिक दूरी को रखते हुए किया जाएगा. एक दूसरे से गले मिलते वक्त शारीरिक संपर्क से बचा जाएगा, नमाज पढ़ने के लिए आम चटाई का इस्तेमाल न हो.

श्रद्धालु कपड़े का टुकड़ा या नमाज पढ़ने के लिए खुद की चटाई लाएंगे और नमाज के बाद वापस ले जाएंगे. इफ्तार के दौरान, नमाजियों को अपना रोजा घर पर खोलने की सलाह दी गई है और सिर्फ नमाज के लिए आना होगा.

किसी तरह की फूड सामग्री मस्जिद के अंदर लाने की मनाही रहेगी, प्रांगण के अंदर सैनेटाइजेशन का ख्याल रखना होगा. एहतियाती उपायों को ध्यान में रखते हुए तरावीह की नमाज पढ़ने की छूट रहेगी, जहां तक संभव हो 2-3 जमात बनाएं.

प्रबंधन की तरफ से निरंतर सफाई और डिसइंफेक्शन का काम सभी इलाकों में प्रबंधन की तरफ से चलाया जाएगा. नमाजियों या कर्मचारियों के लिए फेस मास्क, ग्लोव्स को सुनिश्चित किया जाएगा. मोबाइल में आरोग्य सेतू एपलिकेशन को डाउनलोड और इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है.

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