सरकारी एम्बुलेंस से डॉक्टर ने अपने क्लिनिक पर पहुंचाया फर्नीचर और सिलेंडर

देश में जहां मरीजों को एम्बुलेंस की सुविधा नहीं मिल पा रही हैं, वहीं कर्नाटक में एक सरकारी डॉक्टर द्वारा एम्बुलेंस का इस्तेमाल अपने व्यक्तिगत कामों के लिए करने का मामला सामने आया है। मामला प्रदेश के विजयपुरा क्षेत्र का है, जहां पर कोप्पल अस्पताल के एक डॉक्टर ने सरकारी एम्बुलेंस का इस्तेमाल अपने क्लिनिक पर फर्नीचर और एलपीजी सिलेंडर ले जाने के लिए किया है। यह घटना सोमवार की बताई जा रही है।

बता दें, ऐसे ही सरकारी संसाधनों का व्यक्तिगत इस्तेमाल के आरोप उत्तर प्रदेश में गोरखपुर जिले के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज (बीआरडी) के डॉक्टर कफील खान पर भी लगे थे।

गोरखपुर के इस अस्पताल में कुछ दिन पहले ऑक्सीजन की कमी के कारण कई दर्जन बच्चों की मौत हो गई थी। जब यह मामला मीडिया में उठा तो डॉ. कफील खान सामने आए। उनकी अस्पताल के गार्डन में ही बच्चों की इलाज करते हुए तस्वीरें प्रकाशित की गई थीं। शुरुआत में रिपोर्ट्स में बताया गया कि कफील ने व्यक्तिगत स्तर पर कई सिलेंडरों की व्यवस्था करके कई बच्चों की जान बचाई है। लेकिन बाद में उन पर अस्पताल के सिलेंडर अपने पर्सनल क्लिनिक पर इस्तेमाल करने का आरोप लगा था।

इस मामले में बाद में कफील को इसका मुख्य आरोपी बनाया गया था। घटना के बाद शासन ने मुख्य सचिव की अगुआई में जांच टीम गठित की थी। टीम की रिपोर्ट के बाद एफआईआर दर्ज हुई। उप्र एसटीएफ ने कफील खान को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया है। महानिदेशक चिकित्सा-शिक्षा डॉ. के के गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने हजरतगंज थाने में 23 अगस्त को तत्कालीन प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्रा समेत नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें पूर्व प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्रा उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला के अलावा अन्य फरार हैं।

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