सेना प्रमुख जनरल बाजवा के दिमाग की उपज करतारपुर कॉरिडोर – पाकिस्तानी रेल मंत्री

पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद अहमद ने कबूला

इस्लामाबाद: गुरु नानक देवजी के 550वीं जयंती के मद्देनजर सिख श्रद्धालुओं के लिए करतारपुर कॉरिडोर खुला. इस कॉरिडोर के खोले जाने से भारतीय सिख बिना वीजा के गुरुद्वारे में मत्था टेके. सिख समुदाय पिछले 70 साल से दर्शन के लिए तरस रहे थे, उसका भी मुराद पूरी हो गया.

वहीं पाकिस्तानी रेल मंत्री शेख रशीद अहमद ने खुद कबूला है कि करतारपुर कॉरिडोर सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के दिमाग की उपज थी. कॉरिडोर के इस जख्म को हिंदुस्तान हमेशा याद रखेगा. जबकि इससे उलट पाकिस्तान सरकार अब तक यह दावा कर रही थी कि कॉरिडोर खोलना प्रधानमंत्री इमरान खान की सोच है.

पाकिस्तानी मंत्री ने कहा, ”जनरल बाजवा ने करतारपुर कॉरिडोर का ऐसा जख्म लगाया कि हिंदुस्तान हमेशा इसे याद रखेगा. इस प्रोजेक्ट के जरिए सिखों के अंदर पाकिस्तान के लिए खुशदिली और मोहब्बत पैदा की गई.”

पाकिस्तान में अमेरिका, इंग्लैंड और कनाडा जैसे कई देशों से पहुंचे अलगाववादियों और खालिस्तानी तत्वों की मौजूदगी तथा भारत से करतारपुर जाने वाले श्रद्धालुओं से उनकी संभावित मुलाकात भारत के लिए चिंता का विषय है.

खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) जैसे सिख कट्टरपंथी संगठनों की उनके विभाजनकारी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए करतारपुर कॉरिडोर का उपयोग करने की योजना है.

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