कार्ति चिदंबरम का चार्टर्ड एकाउंटेंट INX मीडिया केस में गिरफ्तार

नई दिल्ली : आईएनएक्स मीडिया डील केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के चार्टर्ड एकाउंटेंट को गिरफ्तार किया। इस मामले में खासकर मनी लान्ड्रिंग केस की जांच में ईडी की यह पहली गिरफ्तारी है। आईएनएक्स मीडिया केस की जांच सीबीआई, आय कर विभाग और ईडी कर रहे हैं। जांच एजेंसियों ने पिछले दिनों में कई जगहों पर छापेमारी भी की है लेकिन कार्ति के चार्टर्ड एकाउंटेंट की गिरफ्तारी को एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार चार्टर्ड एकाउंटेंट कार्ति चिदंबरम और उनसे जुड़ी कंपनियों का ऑडिट करते थे। हालांकि, कार्ति का कहना है कि जांच एजेंसी जिन कंपनियों की लेन-जांच कर रही है, उन कंपनियों को वह पहले ही छोड़ चुके हैं।

कार्ति के दिल्ली और चेन्नई स्थित ठिकानों पर हुई छापेमारी : इससे पहले गत शनिवार को ईडी ने आईएनएक्स मीडिया केस में कार्ति चिदंबरम के दिल्ली और चेन्नई स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। दिल्ली में एक जबकि चेन्नई में चार स्थानों पर छापेमारी की गई। छापेमारी के बाद वरिष्ट कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने ईडी पर निशाना साधा और इस छापेमारी को हास्यास्पद बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच करना ईडी का अधिकार क्षेत्र नहीं है। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, ‘किसी भी जांच एजेंसी द्वारा मामले में कार्ति के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं है, इसलिए मनी लॉन्ड्रिंग के केस में जांच ईडी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती है।’

ईडी ने 2007 में आईएनएक्स मीडिया के लिए विदेशी निवेश में कथित अनियमितता संबंधी धनशोधन मामले में कार्ति चिदंबरम को गुरुवार को ताजा समन जारी किया था। ईडी ने मई 2017 में पूर्व वित्त मंत्री के बेटे के खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज किया था।

CBI भी कर रही मामले की जांच : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से क्लीन चिट मिल गई है। सीबीआई इस मामले की अलग से जांच कर रही है। सीबीआई की प्राथमिकी में भी आईएनएक्स मीडिया के निदेशकों, पीटर और इंद्राणी मुखर्जी नामजद हैं। पीटर और इंद्राणी दोनों शीना बोरा हत्याकांड के आरोपी हैं। पूर्व वित्त मंत्री पी.चिंदबरम के कार्यकाल के दौरान आईएनएक्स मीडिया के लिए एफआईपीबी की मंजूरी दिलाने में कार्ति की कथित भूमिका की जांच हो रही है। कार्ति को कथित तौर पर इसके एवज में मुंबई स्थित आईएनएक्स मीडिया से 3.5 करोड़ रुपए मिले। आईएनएक्स मीडिया अब 9एक्स मीडिया के नाम से जाना जाता है। उस समय इस कंपनी को मुखर्जी दंपति चला रहे थे।

क्या है ईडी का आरोप : इस मामले में वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही ईडी का कहना है कि मुखर्जी दंपति ने नौ करोड़ पाउंड की राशि में हेर फेर की और इस रकम को हवाला के जरिए विदेश भेज दिया। एफआईपीबी की मंजूरी मिलने के बाद आईएनएक्स मीडिया ने कहा कि कंपनी में 4.620 करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हुआ, लेकिन वास्तव में अगस्त 2007 से मई 2008 के बीच कंपनी में 305.36 करोड़ रुपए का निवेश आया था।

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