करवा चौथ 2019: राशी के अनुसार वस्त्र पहन कर करें पूजा, उत्साह तो बढेगा, परिणाम भी अच्छे मिलेंगे

ज्योतिषाचार्य डॉ.दत्तात्रेय होस्केरे

रायपुर. कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी, याने जिस समय चंद्र उदय होने के समय चतुर्थी हो, उस समय पति के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घ जीवन और उज्जवल भविष्य की कामना से किया जाने वाला व्रत पर्व ‘करवा चौथ (Karva Chouth) या ‘करक चतुर्थी’ मनाया जाता है| वैसे तो प्रत्येक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को गणेश जी की पूजा कर चंद्र दर्शन करने से लाभ होता है, लेकिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी अद्वितीय होती है.

लगभग 70 वर्षों बाद चंद्र उदय के समय : रात्रि 8.11 बजे लग्न से बन रहे गज केसरी योग और शुभ योग तथा ग्रहों और नक्षत्रों की अति उत्तम स्थिति में करवा चौथ 2019 (Karva Chouth 2019) पड रहा है उच्च के चंद्र की स्थिति में रोहिणी नक्षत्र में चंद्र को दिया जाने वाला अर्घ्य भावनात्मक सम्बंधों को मजबूत करेगा| पति पत्नि के सम्बंधो में मधुरता और सामंजस्य का संचार होगा.

समर्पण को समर्पित: करवा चौथ

प्रकृति में प्रत्येक प्राणी का सम्बंध भावनात्मक संवेदनाओं पर आधारित है. चाहे वह मानव हो या फिर कोई भी मूक प्राणी, भावनाएं ही सम्बंधों की जननी होती हैं. जन्म से लेकर मृत्यु तक मानव अपना हर कार्य भावनात्मक संतुष्टि के लिये ही करता है. एक शिशु का अपनी माँ से, पिता से, भाई बहनों से,मित्रों से, पत्नि से और फिर संतान से अलग अलग भावनात्मक सम्बंध होता है, और इन्ही सम्बंधों को वह पोषित करता है. वस्तुत: इन्ही सम्बंधों से वह पोषित भी होता है. भारतीय आध्यात्म में हर सम्बंध का सृजन ‘संस्कार’ से होता है. इसी कडी में विवाह भी आध्यात्म में वर्णित सोलह संस्कारों में से एक संस्कार है.
राशी के अनुसार पहने वस्त्र

राशी के अनुसार यदि वस्त्र पहन कर पूजा करें तो उत्साह तो बढेगा, परिणाम भी अच्छे मिलेंगे
1. मेष: बैंगनी या लाल|
2. वृषभ: चमकीला सफेद|
3. मिथुन: पीला|
4. कर्क: पीला सफेद|
5. सिंह: गुलाबी|.
6. कन्या: ऑरेंज या लाल|
7. तुला: हल्का नीला|
8. वृश्चिक: ऑरेंज सफेद|
9. धनु: लेमन येलो या हरा|
10. मकर: चमकीला नीला|
11. कुम्भ: हल्का ऑरेंज या गुलाबी|
12. मीन: हरा पीला या पिकॉक कलर|

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