कश्मीर: दो युवाओं ने अपने राज्य को अलग पहचान दी

27 साल के अंजुम का परिवार भी आतंकियों के हमले का शिकार रहा, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी

कश्मीर: दो युवाओं ने अपने राज्य की अलग पहचान दी

वैसे तो जम्मू-कश्मीर आतंकी घटनाओं के लिए अक्सर सुर्खियों में रहता है, लेकिन अब कश्मीर से बिल्कुल अलग खबर निकलकर सामने आ रही है. कश्मीर के उत्रसू गांव निवासी मुजफ्फर अहमद मलिक का कश्मीर प्रशासनिक सेवा में चयन हुआ है. मुजफ्फर की इस कामयाबी से परिवार में काफी खुशी का माहौल है.

अपनी इस कामयाबी पर मलिक ने कहा ‘मेरे गांव के लोग बहुत अनभिज्ञ हैं. उन्हें सरकारी योजनाओं के बारे में नहीं पता. कश्मीर प्रशासनिक सेवा मेरे लिए नया शब्द है. मैं अपने गांव के लिए कुछ करना चाहता था, जिसके चलते मैंने सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की थी.’

अब बात करते हैं कश्मीर के एक अन्य युवा की. इनका भी चयन कश्मीर सिविल सर्विसेज में हुआ है. इनका ना सिर्फ चयन हुआ, बल्कि यह इसके टॉपर हैं. 27 साल के अंजुम का परिवार भी आतंकियों के हमले का शिकार रहा, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और इस साल जम्मू कश्मीर सिविल सेवा में टॉप किया. यहां एक और दिलचस्प बात यह है कि अंजुम पहली बार ही सिविल सेवा परीक्षा में बैठे थे.

आतंकियों ने जला दिया था अंजुम का घर

पुंछ जिले के सूरनकोट में जन्में अंजुम का पुश्तैनी घर 1990 के दशक में आतंकियों ने जला दिया था, जिस कारण उनके परिवार को जम्मू आकर बसना पड़ा. यहां भी उन लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन अंजुम ने हिम्मत नहीं हारी और पढ़ाई में पूरी जतन से जुटे रहे.

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