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कश्मीरी पंडित परिवार का आरोप, ‘दिवाली के दिन पड़ोसियों ने पत्थर फेंके’

जम्मू: कश्मीर के कुलगाम जिले में एक कश्मीरी पंडित पति-पत्नी ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया. दंपति का आरोप है कि उनके पड़ोसियों ने उनके घर पर दिवाली के दिन पथराव किया.

हालांकि पुलिस ने उनके इस दावे को ‘जमीन विवाद’ बताते हुए खारिज कर दिया. लोकल न्यूज चैनल के द्वारा प्रसारित किए गए एक वीडियो में दिखाया गया है कि पूर्व जिला कृषि अधिकारी अवतार कृष्ण और उनकी पत्नी मुख्य सड़क पर बैठे हुए हैं और लकड़ी के एक लट्ठे के सहारे सड़क को रोके रखा है.

दंपति ने पड़ोस में रहनेवाले तीन भाइयों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उनके घर पथराव किया जिससे उन लोगों को गांव छोड़कर बाहर जाना पड़ा. पंडित ने आरोप लगाया है कि गुरुवार को दिवाली के दौरान मोमबत्ती जलाने के बाद उनके घर पर पड़ोसी ने पथराव किया.

उन्होंने राज्य सरकार से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा, ‘ मैं यहां से गया नहीं. मैं घाटी में ही रुका रहा और मैं मुस्लिमों के बीच सम्मान से रह रहा हूं.’ पंडित ने कहा कि इस परिवार को छोड़कर मुस्लिम समुदाय का उनके साथ हमेशा अच्छे संबंध रहे हैं.

वहीं इस वीडियो में एक बुजुर्ग कश्मीरी पंडित महिला अपने पड़ोसियों पर प्रताड़ना और घर के चारदीवारी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा रही है. महिला ने अपने आंसू पोछते हुए कहा, ‘ मेरे बच्चे चाहते हैं कि मैं जम्मू आ जाऊं लेकिन मैं अपनी जमीन पर शांति महसूस करती हूं.’

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीधर पंटिल ने बताया कि वह उपायुक्त तलत परवेज के साथ शनिवार को रत्नीपुरा में पंडित से मिले. उन्होंने बताया कि पंडित और उनके पड़ोसी का एक जमीन के टुकडे को लेकर विवाद है .

अधिकारी ने कहा, ‘ पंडित के द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर हमने जांच शुरू कर दी है.’ इसी बीच एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि यह घटना 19 अक्तूबर की है और रेनीपुरा गांव में पंडित और नसीर अहमद भट और उसके भाइयों के बीच लड़ाई हुई थी.

उन्होंने कहा, ‘ पुलिस नियंत्रण कक्ष के जरिए कुलगाम पुलिस की एक टीम को घटनास्थल पर तत्काल भेजकर परिवार को मदद पहुंचाई गई.’ प्रवक्ता ने बताया कि रणबीर दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.

प्रारंभिक जांच का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि ऐसा पाया गया कि यह विवाद जमीन को लेकर है और यह जमीन दोनों में से किसी पक्ष की नहीं है.

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