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कैट ने हिन्दुस्तानी दिवाली मनाने का किया आव्हान- चीन से किसी भी तैयार माल का नहीं होगा आयात

चीनी वस्तुओं का स्टॉक है 15 जुलाई तक निपटाने का आग्रह

रायपुर: कन्फेडरेशन ऑफ आल इंड़िया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मगेलाल मालू, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, प्रदेश महामंत्री जितेंद्र दोशी, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के अपने राष्ट्रीय अभियान भारतीय सामान -हमारा अभिमान के अंतर्गत एक कदम आगे बढ़ाते हुए कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज देश के व्यापारियों और लोगों को इस साल की दिवाली को बड़े पैमाने पर हिन्दुस्तानी दिवाली के रूप में मनाने का आव्हान किया है और कहा है की सभी भारतवासी इस वर्ष की दिवाली में किसी भी चीनी सामान का उपयोग न करने का संकल्प लें। कैट ने यह भी कहा की चीन और चीनी वस्तुओं के विरोध में देश के व्यापारी बेहद मजबूती से केन्द्र सरकार और देश की सेनाओं के साथ खड़े हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके की चीनी सामान अथवा चीनी कंपनियों के साथ अनुबंध किसी भी तरह देश के व्यापार को और अधिक प्रदूषित न करें।

कैट ने कहा है कि इस वर्ष की दिवाली पर अपने देश की मिट्टी से बने दीये और मिट्टी की मूर्तियां, सजावटी सामान भारत में बिजली के बल्ब और झालर तथा अन्य भारतीय सामान का ही उपयोग दिवाली के त्यौहार पर किया जाएगा । इसी तरह राखी और जन्माष्टमी एवं अन्य त्यौहार भी केवल भारतीय वस्तुओं का उपयोग कर भारतीय संस्कृति के अनुरूप ही मनाये जाएंगे । कैट ने यह भी कहा की देश में कोई भी व्यापारी भारत में किसी भी चीनी सामान की बिक्री करेगा। कैट ने व्यापारियों से चीन से अपना माल अब आयात न करने का अनुरोध करते हुए कहा की यदि किसी भी व्यापारी के पास चीनी सामान का स्टॉक है तो उन्हें ऐसे स्टॉक को 15 जुलाई तक बेच देना चाहिए । कैट ने कहा की चीनी वस्तुओं की खरीद पर लोगों द्वारा खर्च किया हुआ धन चीन हमारी फौजों के खिलाफ करता है या फिर पाकिस्तान द्वारा भारत में आतंकी गतिविधियों के सं्चालन में चीन पाकिस्तान की मदद करता है ।

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी ने आज यहां जारी एक बयान में कहा कि हमारे भारतीय त्योहारों में पिछले कुछ वर्षों से चीनी सामानों की घुसपैठ अधिक हो गई है जिसे देश के बड़े हित में रोका जाना बहुत जरूरी है। ऐसे समय में जब चीन आक्रामक रूप से लद्दाख की सीमाओं पर अपनी सेना तैनात कर रहा है और भारत को अपनी सेनाओं से घेरने की दृष्टि से पड़ोसी देश नेपाल में अपना अड्डा बनाने की कोशिश कर रहा है ऐसे में चीनी सामानों के बहिष्कार का अभियान ही चीन के लिए माकूल जवाब होगा ।

श्री पारवानी ने केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों की सराहना की और देश में चीनी सामानों के प्रवेश देने पर प्रतिबन्ध करने अथवा चीनी कंपनियों को दिए गए विभिन्न अनुबंधों को फिलहाल स्थगित करने पर सरकार के निर्णयों को ठीक ठहराया है । कैट ने देश के 7 करोड़ व्यापारियों की ओर से सरकारों द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का पूरी तरह से समर्थन किया है और कहा की देश के सभी व्यापारी अपनी पूर्ण क्षमता के साथ केन्द्र सरकार और भारतीय सेनाओं के साथ खड़ा है । कैट ने भारतीय सेनाओं को आश्वासन दिया है की वे चीन को सीमाओं पर लड़ने के लिए तैयार रहें जबकी देश के व्यापारी भारत के अंदर चीन के साथ आर्थिक युद्ध करने के लिए पूरे तौर पर तैयार हैं और विजय भारत की होगी ।

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