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कैट ने समिति के समक्ष अपना पक्ष रखने का मौका देने की मांग की

भारत में प्लांट और भारतीय कंपनियों में चीनी निवेश की जांच करने का आग्रह दोबारा दोहराया

रायपुर: कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी, कार्यकारी अध्यक्ष मंगेलाल मालू, विक्रम सिंहदेव, महामंत्री जितेंद्र दोशी, कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, एवं प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 59 एप्लीकेशन्स को प्रतिबंधित किये जाने के मामले पर गठित उच्चस्तरीय समिति ने सरकार के इस निर्णय को फिलहाल सही ठहराते हुए उक्त 59 ऐप की कंपनियों को इस मामले में आपका पक्ष प्रस्तुत करने के लिए अवसर देना स्वीकार किया है। इस बात को ध्यान में रखते हुए कन्फेडेरशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद को एक पत्र भेज कर आग्रह किया है की जिस प्रकार से इन कंपनियों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है उसी प्रकार से कैट को भी समिति के समक्ष इन चीनी ऐप को क्यों प्रतिबंधित करना चाहिए पर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाना चाहिए क्योंकि सर्वप्रथम कैट ने ही 21 जून को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल को एक पत्र भेज कर इन चीनी ऐप को प्रतिबंधित करने की मांग की थी।

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी ने बताया कि श्री प्रसाद को भेजे पत्र में कैट ने कहा है की सरकार द्वारा इन ऐप को प्रतिबंधित किया जाना देश की सुरक्ष के लिए बहुत जरूरी था। भारतीय न्यायिक व्यवस्था की पारदर्शिता को बरकरार रखते हुए उच्च समिति द्वारा इन ऐप कंपनियों को मौका दिया जाना न्यायोचित है किन्तु न्याय के प्राकृतिक सिद्धांत को देखते हुए कैट को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाना बहुत आवश्यक है।

ज्ञातव्य है की कैट ने 10 जून 2020 से देश भर में चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का एक राष्ट्रीय अभियान भारतीय सामान -हमारा अभिमान शुरू किया है जिसका प्रथम चरण दिसंबर 2021 तक चलेगा और इस दौरान कैट ने चीन से माल आयात करने में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के आयात की कमी करने का लक्ष्य रखा है। कैट के इस अभियान को देश भर में चारों तरफ से व्यापक समर्थन मिल रहा है और देश के विभिन्न राज्यों में लोग इस अभियान से जुड़ते जा रहे हैं जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है की इस बार इस अभियान के जरिये चीन को भारत के साथ व्यापार में एक बड़ा झटका मिलना तय है। हालाकिं चीनी अखबार ग्लोबल

टाइम्स ने इस बात को कहा है की वर्तमान अभियान के चलते इस वर्ष चीन और भारत के बीच व्यापार में लगभग 30 प्रतिशत की कमी आने का अनुमान है ।

श्री पारवानी ने यह भी बताया की कैट ने श्री प्रसाद को भेजे पत्र में यह भी स्मरण कराया है की 30 जून, 2020 को कैट ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीथारमन को एक पत्र भेजा था और वैसा ही पत्र श्री प्रसाद को भी उस दिन भेजा गया था जिसमें यह मांग की गई थी की भारत की जिन कंपनियों में चीनी कंपनियों का निवेश है तथा जिन चीनी कंपनियों ने भारत में अपनी निर्माण इकाइयां लगाई हैं, उन दोनों वर्गों की कंपनियों की भी जांच होनी चाहिए जिससे यह पता लग सके की इन कंपनियों ने भारत का जो डाटा एकत्र किया है वो कहीं भारत से बाहर तो नहीं भेजा गया अथवा उसका कोई दुरूपयोग तो नहीं हो रहा है। इस तरह का पत्र कैट ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री श्री पियूष गोयल को भी उस दिन भेजा था। कैट ने श्री प्रसाद से आग्रह किया है की उनकी मांग को स्वीकार कर सरकार इस जांच करने की भी घोषणा करे।

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