छत्तीसगढ़

कटघोरा : क्वारन्टाइन सेंटर में रह रही मजदूर महिला ने दिया स्वस्थ बच्चे को जन्म

विशेष प्रसूति क्वारन्टीन केंद्र में थी दाखिल

अरविन्द

कटघोरा: कोरोना काल मे क्वारनटाईन सेंटर पहुचे एक दम्पत्ति के लिए यह दौर हमेशा के लिए यादगार बन गया।यहाँ पहुँची महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है।जिसमे जच्चा बच्चा दोनों ही स्वस्थ हैं।जिला कलेक्टर किरण कौशल के निर्देश पर कटघोरा एसडीएम सूर्यकिरण तिवारी के मार्गदर्शन में तहसीलदार महोदय रोहित सिंह नायब तहसीदार रविशंकर राठौर व कटघोरा बीएमओ रुद्रपाल सिंह कवर की तत्परता के बाद 48 घण्टे पहले महिला को लेबर पेन हुआ था उसके बाद उसे कटघोरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया और उसकी सफलता पूर्वक डिलीवरी कराई गई। जिसमें जच्चा बच्चा दोनो ही पूर्णरूप से स्वस्थ हैं।पूर्व में इनका कोरोना टेस्ट भी किया गया था जिसमें सभी निगेटिव रहे है और मेडिकल ऑफिसर कवर ने इन्हें होम आइसोलेट करने के लिए महतारी एक्सप्रेस से घर भेजने की व्यवस्था भी की है।

महीला परिवार सहित चेन्नई से लौटी है कोरबा

दरअसल हम बात कर रहे हैं कटघोरा में शासन द्वारा बनाये गए क्वारनटाइन सेंटरों की जहां आने वाले सभी मजदूरों का ख्याल बेहतर तरीके से रखा जा रहा है और उन्हें तमाम तरह की सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही है।ऐसा ही एक दृश्य कटघोरा के क्वारन्टाइन सेंटर में देखने को मिला जहा आठ माह की एक गर्भवती महिला अपने परिवार सहित सेंटर पहुची थी।

आपको बता दे कि यह मजदुर परिवार उतरदा रेल डबरी का रहने वाला है और कमाने की चाह में तमिलनाडु के चेन्नई में टाइल्स फैक्ट्री में नियोजित था और लाग डाउन के दौरान चेन्नई से कोरबा लौटा था जिसमे तीन सदस्य पति खिलेद्र पटेल,पत्नि मीना पटेल व तीन साल का एक पुत्र था।चुकी महिला 8 माह से गर्भवती थी लिहाजा उसे एहतियातन के तौर पर कटघोरा के पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास में बनाये गए प्रसूति विशेष क्वारनटाइन सेंटर में रखा गया था।बता दे कि यह सेंटर गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष तौर पर बनाया गया था यहाँ पहले से ही आधा दर्जन महिलाएं मौजूद रही है।

महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया

महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया तथा शासन प्रसाशन की व्यवस्थाओं को देख मीना पटेल व पति खिलेद्र पटेल ने शासन प्रसाशन व स्वास्थ्य अमले का आभार भी व्यक्त किया है।अस्पताल में मौजूद मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान दम्पति ने बताया कि सेंटर में पहुँचकर डाक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य की बराबर जांच करती थी।समय पर दवाइयां मुहैया कराई जाती थी।महिला सहायक भी बराबर देखरेख करती थी।इतना ही नही स्थानीय प्रशासन की ओर से बराबर पोषण आहार भी उपलब्ध कराया जाता रहा है।सेंटर में रहने के बावजूद घर में रहने जैसा आभास महशुस होता देख दंपति काफी खुसी महशुस कर रहे थे।प्रसाशन व स्वास्थ्य अमले की सुविधाओं से वशीभूत होकर इन्होंने सभी का सादर अभिवादन भी किया है।

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