कवर्धा : राजीव गांधी किसान न्याय योजना, किसानों को खरीफ सीजन 2020-21 की पहली किश्त का भुगतान

जिले के 95929 किसानों के खाते में कृषि आदान सहायता (इनपुट सब्सिडी) के रूप में अंतरित की गई-64.09 करोड़ रूपए की राशि

  • दिल्ली से सोनिया गांधी और राहुल गांधी वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए कार्यक्रम हुए शामिल
  • पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कृषि आदान सहायता राशि और गोधन न्याय योजना की राशि का किया ऑनलाईन अंतरण
  • मंत्रीपरिषद के सदस्यगण, सांसद, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि हुए शामिल

कवर्धा, 21 मई 2021 : पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि आज 21 मई को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत खरीफ सीजन 2020-21 की पहली किश्त के रूप में जिले के 95929 किसानों के खाते में 64.09 करोड़ रूपए कृषि आदान सहायता राशि (इनपुट सब्सिडी) उनके खातों में अंतरित की गई।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सांसद सोनिया गांधी और सांसद राहुल गांधी की उपस्थिति थे। वीडियो कांफ्रेस में पंडरिया विधायक ममता चन्द्राकर, कवर्धा नगर पालिका अध्यक्ष ऋषि कुमार शर्मा, केबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर के निज सहायक कीर्तन शुक्ला, कलेक्टर  रमेश कुमार शर्मा, जिला पंचायत सीईओ विजय दयाराम के., कृषि उपसंचालक एमडी डड़सेना उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने मंत्रीमण्डल के सदस्यों के साथ आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम स्वर्गीय राजीव गांधी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया। इसके पश्चात् प्रदेश के 22 लाख किसानों को कृषि आदान सहायता राशि की प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए कृषकों के खातों में तथा गोधन न्याय योजना के तहत 15 मार्च से 15 मई तक पशुपालकों से गोबर खरीदी की राशि 7.17 करोड़ रूपए का ऑनलाईन अंतरण किया।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में फसल उत्पादकता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 21 मई 2020 को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरूआत की गई है.

खरीफ वर्ष 2020-21 में 9,000 रूपए प्रति एकड़ की दर से इनपुट सब्सिडी-

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में बीते 19 मई को आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हित में कई अहम निर्णय लिए हैं। जिसमें अब खरीफ वर्ष 2020-21 में किसानों से क्रय किये गये धान पर 9,000 रूपए प्रति एकड़ की दर से इनपुट सब्सिडी दी जायेगी।

आगामी वर्षों में भी खरीफ सीजन में धान उत्पादक कृषकों को प्रति वर्ष 9 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से इनपुट सब्सिडी दी जाएगी। इसी तरह सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि वर्ष 2020-21 में जिन किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किया था, वह यदि धान के बदले कोदो कुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगन्धित धान, अन्य फोर्टिफाइड धान की फसल उत्पादित करते हैं अथवा वृक्षारोपण करते हैं तो उसे प्रति एकड़ 9,000 रूपए के स्थान पर 10,000 रूपए की इनपुट सब्सिडी दी जाएगी। वृक्षारोपण करने वालों को 3 वर्षों तक यह अनुदान मिलेगा।

राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिसके तहत खरीफ वर्ष 2021-22 में धान के साथ ही खरीफ की सभी प्रमुख फसलों मक्का, सोयाबीन, गन्ना, कोदो कुटकी तथा अरहर के उत्पादकों को भी प्रतिवर्ष 9000 रूपए प्रति एकड़ की दर से इनपुट सब्सिडी दी जायेगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने कोदो-कुटकी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,000 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।

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