सोशल मीडिया कंपनियों पर कसेगा शिकंजा

मोदी सरकार ने तैयार किया ड्राफ्ट

मोदी सरकार ने अफवाह या फेक न्यूज पर लगाम लगाने के लिए नया कानून बनाकर कैबिनेट में पास कराने की तैयारी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक, नए कानून के बाद फेसबुक और गूगल जैसी कंपनियां अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकेंगी। हाल में ही सोशल मीडिया पर फैले फेक न्यूज और उसके प्रतिकूल असर के मद्देनजर सरकार ने मौजूदा आईटी एक्ट के तहत धारा 79 में संशोधन का प्रस्ताव बना दिया है।

पीएमओ ने आईटी मिनिस्ट्री के इस संसोधन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और अब इसे कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा, जिसके बाद यह बदलाव प्रभावी हो जाएगा। इस संशोधन में गूगल, फेसबुक, वॉट्सएप जैसी कंपनियां भी फेक न्यूज या अफवाह से जुड़े कंटेट को फैलाने के लिए जिम्मेदार नहीं माना गया है। सरकार के मुताबिक इसके लिए इन कंपनियों के जिम्मेदार बनाने के बाद वे इन बातों पर गंभीरता से लिया जाएगा।

सूत्रों की मानें तो सरकार की सबसे बड़ी चिंता है कि हाल में ही सोशल मीडिया के लगातार बढ़ते दुरुपयोग के बीच इससे जुड़ी कंपनियां इसे रोकने की दिशा में बिल्कुल गंभीर नहीं है। अब इस मामले को पीएमओ ने खुद अपनी निगरानी में लिया है। सरकार के लगभग एक दर्जन लेटर का इन कंपनियों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।

इसके बाद पीएमओ ने इनकी जिम्मेदारी तय करने के लिए आईटी मिनिस्ट्री को कानून बनाने को कहा था। धारा 79 में बदलाव के अलावा इन सभी सोशल मीडिया कंपनियों के लिए भारत से जुड़े यूजर्स का डाटा भारत में ही रहे, इसके लिए जल्द ड्राफ्ट कानून पेश किया जाएगा।

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