KBC 10: इस फिल्म में ऐसे लिखा गया था अमिताभ बच्चन का ऐतिहासिक डायलॉग

बिग बी डायलॉग पढ़ते हैं, ‘जमाना बदल गया है, जिंदगी बदल गई है।

केबीसी के मंच पर 24 अक्टूबर के एपिसोड में बिग बी के साथ हॉट सीट पर मंजूनाथ सेठ बैठे। शो में मंजूनाथ ने अमिताभ बच्चन से एक गुजारिश की। मंजूनाथ बिग बी की फिल्म बागबान के एक डायलॉग के बहुत बड़े फैन हैं ऐसे में वह उस डायलॉग की स्क्रिप्ट तैयार करके लाए थे। मंजूनाथ ने बिग बी से रिक्वेस्ट करते हुए कहा कि वह इस स्क्रिप्ट को पढ़ें। अमिताभ बच्चन ने मंजूनाथ के कहने पर बागबान का वह डायलॉग पढ़ा। डायलॉग पढ़ने के बाद बिग बी बताते हैं कि कैसे इस फिल्म का ये डायलॉग लिखा गया था।

बिग बी डायलॉग पढ़ते हैं, जमाना बदल गया है, जिंदगी बदल गई है। लेकिन जिंदगी सीढ़ी की तरह ऊपर नहीं जाती। जिंदगी पेड़ की तरह उगती है। मां-बाप किसी सीढ़ी के पहले पायदान नहीं होते, मां बाप जिंदगी के पेड़ की जड़ हैं। .. और पेड़ कितना ही बड़ा क्यों न हो, कितना ही हरा-भरा क्यों न हो। जड़ काटने से वह हरा-भरा नहीं रह सकता। इसलिए बड़ी ही विनम्रता और आदर से मैं पूछता हूं कि जिन बच्चों की खुशियों के लिए एक बाप अपनी पाई-पाई उनकी खुशियों के लिए खर्च कर देता है। वही बच्चे जब बाप की आंखें धुंधली हो जाती हैं। तो उन्हें कतरा भर रौशनी देने से क्यों कतराते हैं।

बिग बी शो में कहते हैं- मुझे याद आ रहा है, रवि चोपड़ा जी ने मुझे ये कहानी जब से सुनाई थी, मैंने कहा था ये जो दृश्य है बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसे बहुत ही सही तरीके से लिखा जाना चाहिए। इसको लेकर कई बार हमारी बैठक हुई। आखिर में मैंने कहा कि आपको और लेखिका को अगर तकलीफ न हो तो मैं चाहता हूं कि थोड़ी देर मैं इस पर विचार करूं। मैं जावेद अख्तर साहब के पास गया कि हमारी मदद की जाए। मैंने उनसे कहा कि ये भूमिका है फिल्म की, तो क्या आप इसपर कुछ लिख सकते हैं। तो ये उनक लिखा हुआ था।<>

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