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केजरीवाल ने विश्वास को वक्ताओं की लिस्ट से भी हटाया, NC में मनीष सिसोदिया करेंगे मंच संचालन

आम आदमी पार्टी (AAP) में विधायक अमानतुल्ला की वापसी के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास को पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में भी किनारे लगाया गया है। AAP ने राष्ट्रीय परिषद की बैठक में कुमार विश्वास का नाम शामिल नहीं किया है। बता दें कि अभी तक पार्टी की चार बैठकें हुई हैं, जिनमें विश्वास ने मंच संचालन किया था।

कुमार विश्वास ने पार्टी के इन फैसले के बाद बागी तेवरों के संकेत भी दे दिए हैं। एक न्यूज चैनल से बातचीत में विश्वास ने कहा कि इस बार वक्ता पद से उनका नाम हटाया गया है। वह एक सामान्य कार्यकर्ता की हैसियत से ही बैठक में जाएंगे।

विश्वास ने इस मामले को जनता की अदालत में ले जाने के संकेत दिए। अमानतुल्ला की पार्टी में वापसी के सवाल पर पर कहा कि वह टिप्पणी कर इस गेम में फंसना नहीं चाहते हैं।

बता दें कि AAP की 2 नवंबर को राष्ट्रीय परिषद की पांचवीं बैठक हो रही है। विश्वास और विधायक अमानतुल्ला खान के बीच आपसी विवाद के कारण इस बैठक के हंगामेदार रहने के पूरे आसार बन गए हैं।

आधिकारिक तौर पर बैठक के अजेंडे में हालांकि यह मुद्दा शामिल नहीं किया गया है, लेकिन पार्टी में विश्वास का भविष्य दांव पर होने के कारण दोनों पक्ष इस मुद्दे को उठाने की भरपूर कोशिश करेंगे।

पार्टी की ओर से मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक राष्ट्रीय परिषद की बैठक का अजेंडा पार्टी के सांगठनिक ढांचे को राज्यों में मजबूत करने पर विचार कर AAP के मिशन विस्तार की रूपरेखा तय करना है।

इसके अलावा देश में राष्ट्रीय परिदृश्य के वर्तमान मुद्दों पर भी मंथन किया जाएगा। राष्ट्रीय परिषद की यह पहली बैठक है जिसमें विश्वास को वक्ताओं की सूची में शामिल नहीं किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक अब तक की बैठकों का संचालन करते रहे विश्वास के बजाय इस बार बैठक का संचालन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया करेंगे। पार्टी प्रवक्ता संजय सिंह देश के आर्थिक परिदृश्य पर और आशुतोष पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता के बीच संवाद मजबूत करने के मुद्दे पर बोलेंगे।

बैठक के अंत में AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल समापन भाषण देंगे। विश्वास को बोलने का मौका नहीं देने के बारे में AAP नेताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई है।

विश्वास ने बैठक में शामिल होने का आमंत्रण मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि वह बैठक में शामिल होंगे और अगर उन्हें मौका मिला तो वह अपना पक्ष भी रखेंगे।

विश्वास के खिलाफ अपमानजनक बयान देने के आरोप में अमानतुल्ला का निलंबन पार्टी द्वारा आज वापस लेने के बाद एक बार फिर आप में टूट का मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है।

इस साल मई में अमानतुल्ला ने विश्वास को बीजेपी का एजेंट बताते हुये उनके खिलाफ जमकर प्रहार किया था। AAP की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) ने विश्वास के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में अमानतुल्ला की पार्टी सदस्यता निलंबित करते हुए आरोपों की जांच के लिये तीन सदस्यीय समिति गठित की थी।

सूत्रों के मुताबिक समिति ने दो दिन पहले मामले की जांच कर अमानतुल्ला का निलंबन रद्द करने की पीएसी को सिफारिश की थी। विश्वास ने ओखला से AAP विधायक अमानतुल्ला का निलंबन वापस लेने पर इतना ही कहा कि खान सिर्फ एक मामूली मुखौटा हैं।

परोक्ष रूप से उन्होंने माना कि यह प्रपंच अगले साल जनवरी में खाली हो रही दिल्ली की तीन राज्यसभा सीटों के लिए रचा गया है। विश्वास ने कहा, ‘मैंने मई में भी कहा था और आज भी कह रहा हूं कि एलजेपी से आया सांप्रदायिकता के आरोपों में अपराधबद्ध एक विधायक मेरा मुद्दा ही नहीं हैं, वह एक मुखौटा हैं।

उसके पीछे उन आत्मप्रवंचित लोगों का समूह है जिसे इस तरह की राजनीतिक हत्याएं करने की आदत है चाहे सुभाष वारे हों, मयंक गांधी, धर्मवीर गांधी, प्रशांत भूषण या फिर योगेन्द्र यादव हों।’

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