राष्ट्रीय

मेट्रो किराए में वृद्धि को लेकर घमासान,केजरीवाल का केंद्र को 50-50 का प्रस्ताव

दिल्ली मेट्रो किराए में वृद्धि को लेकर मचे घमासान के बीच मुख्यमंत्री केजरीवाल ने नया दांव खेला है. दिल्ली के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखकर तमाम प्रस्ताव भेजे हैं. पत्र के मुताबिक केजरीवाल ने मेट्रो को दिल्ली सरकार को सौंपने और मौजूदा किराया बढ़ोत्तरी को रोकने के लिए 1500 करोड़ दिल्ली सरकार की तरफ से देने की पेशकश और केंद्र से भी 1500 करोड़ देने की मांग की है.

नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने केजरीवाल पर निशाना साधा है. गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल मेट्रो की आड़ लेकर राजनीति कर रहे हैं, जिस कमेटी ने किराया बढ़ाया है उस कमेटी में दिल्ली सरकार भी हिस्सेदार है और उनकी सहमति से ही यह तय हुआ है.

मेट्रो को डीटीसी बना देंगे केजरीवाल!

बीजेपी नेता ने कहा कि केजरीवाल चाहते हैं कि मेट्रो उनको सौंप दी जाए लेकिन, दिल्ली मेट्रो एक ऑटोनॉमस बॉडी है. इसके लिए संसद के जरिए संशोधन करना पड़ेगा. केजरीवाल चाहे तो वह करवा लें. दिल्ली डीटीसी का जो हाल केजरीवाल ने किया है. वह हर कोई जानता है. दिल्ली के मुख्यमंत्री मेट्रो का भी ऐसा ही हाल करना चाहते हैं.

मेट्रो की आड़ में राजनीतः बीजेपी

केजरीवाल पर निशाना साधते हुए बीजेपी नेता ने कहा कि तीसरे और चौथे फेज को इन्होंने ढाई साल डिले किया. फाइल रोककर बैठे रहे और चौथे फेज के पैसे देने से इंकार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि केजरीवाल मेट्रो में राजनीति घुसाना बंद करें, अब जो किराया बढ़ रहा है. वह उसी कमेटी के फैसले का दूसरा हिस्सा है. इसे कोई अलग से नहीं बढ़ाया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि मेट्रो का किराया बढ़ना जनविरोधी है. मेट्रो प्रॉफिट कमाने की कंपनी नहीं है. मेट्रो पब्लिक को एक बेहतर ट्रांसपोर्ट देने की सुविधा है. अगर सबसे बड़े स्लैब के हिसाब से 20 रुपए बढ़ता है तो आना-जाना 40 रुपए होता है. ऐसे में एक घर में 4 लोग हैं, जो मेट्रो से सफर करते हैं तो उनके परिवार पर 5 हजार रुपए का बोझ बढ़ जाएगा.

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