केजरीवाल सरकार ने नौकरी के नाम पर खर्च किए करोड़ों, पर रोजगार मिला सिर्फ 344 को

नई दिल्ली : दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने नौकरी के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर दिए लेकिन अभी तक सिर्फ 344 बेरोजगारों को नौकरी दिलाई गई है। दिल्ली विधानसभा में चल रहे मॉनसून सत्र में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आप सरकार से रोजगार कार्यालय में हुए पंजीयन और नौकरियों की जानकारी मांगी थी।

गुप्ता के सवाल पर दिल्ली सरकार के रोजगार विभाग ने लिखित में जवाब देते हुए बताया कि 2015 में 176 और 2016 में 102 व 2017 में 66 बेरोजगारों को नौकरियां दी गई है। विभागाध्यक्ष ने यह भी बताया कि नौकरियां दिलवाने पर दिल्ली सरकार ने कुल 21.53 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। साथ ही 344 लोगों को कौन से विभाग और कौन से पद पर नौकरी दिलाई गई इसकी जानकारी भी दी गई है।

विभागाध्यक्ष के मुताबिक दिल्ली के पांच रोजगार कार्यालयों में कुल 2.87 लाख नागरिकों ने नौकरी के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें से आठ हजार नाम नियोक्ताओं को भेजे गए। जिन 344 को नौकरियां मिलीं, उनमें से आधे (177) कंडक्टर, वॉटरमैन और टेम्प्रेपरी वॉटरमैन पद पर नियुक्त हुए हैं।

वहीं विभाग ने सरकार के तीन साल के कार्यकाल में सात रोजगार मेले लगाए हैं। इन मेलों के आयोजनों पर सरकार ने 33.11 लाख रुपए खर्च किए हैं। इनमें 357 कंपनियां शामिल हुईं और उन्होंने करीब 78 हजार आवेदकों में से 30,680 को शॉर्टलिस्ट किया लेकिन इनमें से कितनों को नौकरी मिली इसका जवाब विभाग के पास भी नहीं है।

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