चिकित्सा के प्रतीक रेड क्रॉस को इस्लाम में बताया हराम, मुस्लिम डॉक्टर्स को दूरी बनाने की सलाह

अलासवाला नाम से फेसबुक पेज पर 'डॉक्टर्स को कुछ जरूरी सलाह' शीर्षक नाम से एक पोस्ट की गई है

चिकित्सा के प्रतीक रेड क्रॉस को इस्लाम में बताया हराम, मुस्लिम डॉक्टर्स को दूरी बनाने की सलाह

विवादित सलाफी उपदेशक अब्दुल मुहसिन अयदीद एक नए सुझाव के साथ सामने आए हैं। उनका कहना है कि मुस्लिम डॉक्टर्स को चिकित्सा के प्रतीक रेड क्रॉस का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि वह इस्लाम के विपरीत है।

अलासवाला नाम से फेसबुक पेज पर ‘डॉक्टर्स को कुछ जरूरी सलाह’ शीर्षक नाम से एक पोस्ट की गई है, अयदीद ने सलाह दी है कि डॉक्टर्स को हर संभव कोशिश करनी चाहिए कि वे महिला मरीजों को न छुएं। यही नहीं इस बात के लिए भी प्रोत्साहित नहीं करना चाहिए कि ‘पुरुष-महिला’ अस्पताल में या परामर्श के लिए कमरे में एक साथ हों।

उन्होंने कहा, ‘घरों में, गाड़ियों पर, परामर्श के लिए बनाए गए कमरों में, डॉक्टर्स के प्रिस्क्रिप्शन पर अक्सर आराध्यों की पूजा के लिए कई प्रतीक देखे जाते हैं। उदाहरण के तौर पर लाल रंग में क्रॉस, जो ईसाई धर्म में ट्रिनिटी (पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा) से जुड़ा हुआ एक प्रतीक है। ट्रिनिटी बहुदेववाद का एक उदाहरण है, जिसे इस्लाम में हराम माना जाता है।’

एकेश्वरवाद के लिए बताया खतरा
अयदीद ने कहा कि इसी तरह से रॉड ऑफ असक्लीपियस, जो जीवन और स्वास्थ्य के देवता के प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी कहा, ‘यह विश्वास एकेश्वरवाद की परंपरा को नष्ट करता है। एक मुस्लिम डॉक्टर को इस तरह के सभी प्रतीकों और नारों से दूर रहना चाहिए जो इस्लाम के खिलाफ हैं।’

महिलाओं के लिए बताए नियम
सलाफी उपदेशक ने कहा कि यदि मुस्लिम महिला को तलाशने के बावजूद मुस्लिम महिला डॉक्टर नहीं मिल रही है तो वह पुरुष मुस्लिम डॉक्टर से मिल सकती है। काफी गंभीर अवस्था में ही बगैर दस्तानों के महिला को छुआ जा सकता है, इसके इतर मुहसिन ने कहा, ‘पुरुष डॉक्टर को महिला मरीज को गंभीर स्थिति में ही देखना या छूना चाहिए, यदि डॉक्टरों को मरीज को छूने की नौबत आए तो दस्ताने पहनकर ही छूना चाहिए।’

डॉक्टर्स के लिए मुहसिन के नियम
मुहसिन ने कहा कि महिला मरीज को शरीर के बाकी हिस्सों को ढककर रखना चाहिए, जिनकी जांच नहीं करानी है। इस्लामिक सिद्धांत है कि एक अज्ञात महिला के साथ अकेले पुरुष को नहीं होना चाहिए, यह नियम डॉक्टर्स पर भी लागू है। उन्होंने कहा, ‘पुरुष डॉक्टर द्वारा महिला की जांच के वक्त, महिला का पति या फिर घर का कोई सदस्य होना जरूरी है।’ इतना ही नहीं मुहसिन ने अपनी राय में कॉस्मेटिक या प्लास्टिक सर्जरी को भी इस्लाम में हराम बताया है। कहा गया है कि यह अल्लाह की रचना में दखल है। बता दें कि मुहसिन चरम सलाफी ग्रुप के सदस्य हैं।

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