केरल में निपाह से मरने वालों लोगों की मौत का आंकड़ा 13 तक पहुंचा

कोझिकोड और मलप्पुरम के अस्पतालों में करीब 200 संदिग्ध मरीजों का इलाज चल रहा है.

कोझिकोड। कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार को वृद्धा कल्याणी की मौत के साथ केरल में निपाह वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई। वृद्धा को 16 मई को तेज सिरदर्द और बुखार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

कोझिकोड और मलप्पुरम के अस्पतालों में करीब 200 संदिग्ध मरीजों का इलाज चल रहा है, इनमें से तीन मरीजों में निपाह वायरस होने की पुष्टि हो गई है। इलाज करते हुए चपेट में आए पांच चिकित्सा कर्मियों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेजा गया है।

अभी तक की जानकारी के अनुसार निपाह वायरस चमगादड़, सुअर और पीड़ित व्यक्ति के जरिये फैलता है। पता चला है कि कीड़े-मकोड़े खाने वाले चमगादड़ और सुअर के रक्त नमूनों का परीक्षण हो चुका है। उनमें निपाह वायरस नहीं मिला है। अब फल खाने वाले चमगादड़ का रक्त नमूना परीक्षण के लिए भोपाल स्थित प्रयोगशाला में भेजा गया है। पुणे प्रयोगशाला के विशेषज्ञों की टीम भी कोझिकोड पहुंच गई है, वह विभिन्न तरह के चमगादड़ों के रक्त नमूने ले रही है।

पुलिस जांच में पता चला है कि वायरस से सबसे पहले प्रभावित होने वाला साबिथ नाम का व्यक्ति कभी भी मलेशिया नहीं गया। हां, वह संयुक्त अरब अमीरात में काम करने गया था लेकिन वहां से वह अक्टूबर 2017 में लौट आया था। साबिथ की मौत हो चुकी है। पुलिस अब उसको लेकर और जानकारियां जुटाने में लगी है।
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