छत्तीसगढ़

प्रशासनिक एवं राजनीतिक उपेक्षा का शिकार खरोरा, आखिर कब बनेगा तहसील?

निलेश गोयल:

खरोरा: उप तहसील खरोरा प्रशासनिक एवं राजनैतिक उपेक्षा का शिकार है। क्या खरोरा कभी बन पाएगा तहसील? क्षेत्र के लोगों के मन में यह सवाल हमेशा रहा है।

हम क्षेत्र के भगौलिक व व्यवसायिक एवं सामाजिक पहलुओं को दृष्टिगत रखते हुए विचार करें। खरोरा उप तहसील के अंतर्गत 100 से अधिक गांव आते हैं, इसकी 20000 दो लाख जनसंख्या, लगभग पहले खरोरा केवल एक ही राजस्व निरीक्षक मंडल था किंतु क्षेत्र का विस्तार होने के कारण खरोरा ऊप तहसील के अंतर्गत हाल के कुछ दिनों के अंदर तीन नए राजस्व निरीक्षक मंडल खरोरा बंगोली एवं मोहरेगा का सृजन किया गया है।

वहीं वर्तमान समय में दो नयाब तहसीलदार द्वारा उप तहसील में कार्य का विभाजन का मामलों की सुनवाई की जा रही। वही खरोरा क्षेत्र के कुछ गांवों के मामलों की सुनवाई तहसील तिल्दा में आज भी की जा रही है।

खरोरा को उप तहसील व नगर पचायत का दर्जा दिनाक 27/07/2001 को मिला

खरोरा को उप तहसील व नगर पचायत का दर्जा दिनाक 27/07/2001 को मिला था। खरोरा उप तहसील को बने 18 वर्ष हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ के प्रथम राजस्व मंत्री भूपेश बघेल उस समय के तत्कालीन विधायक गंगूराम बघेल वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गिरीश देवांगन के विशेष प्रयास से खरोरा को उप तहसील का दर्जा मिला था।

वही वर्तमान छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसका लोकार्पण किया था। किंतु 18 वर्ष बीत जाने के पश्चात क्षेत्र के भौगोलिक दृष्टिकोण का ध्यान में रखते हुए खरोरा को उप तहसील से तहसील का दर्जा आखिर क्यों नहीं दिया जा रहा। क्षेत्रवासियों के मन में यह सवाल बार-बार उठता है।

खरोरा उप तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव के लोगो एवं किसानों को अपने छोटे छोटे काम के लिऐ खरोरा से 23 किलोमीटर दूरी पर स्थित तहसील के कार्यों के लिए तिल्दा जाना पड़ता है।
इस कारण समय एवं आर्थिक व्यय का भार लोगों पर बढ़ता जा रहा है। व सही समय पर न्याय नहीं मिलता पाता।

वहीं अगर हम छत्तीसगढ़ शासन के नियमों को देखे तो पूर्व की भाजपा सरकार में छोटे-छोटे उप तहसीलो को तहसील का दर्जा दिया जा चुका है। अपनी योग्यता पूरी नहीं करते केवल अपने राजनीतिक लाभ के लिए तहसील का दर्जा दिया गया है।

क्षेत्र के लोगों की आस प्रदेश के मुखिया भुपेश बघेल की और है शीघ्र ही खरोरा क्षेत्र वासियों की मांग को दृष्टिगत रखते हुए खरोरा को उप तहसील से तहसील का दर्जा दे।

क्या कहते हैं क्षेत्र के जनप्रतिनिधि

1 क्षेत्रीय विधायक अनीता शर्मा ने कहा कि आप लोगों के द्वारा इस मामले को मेरे संज्ञान में लाया गया। मैं शीघ्र ही मुख्यमंत्री जी से चर्चा कर खरोरा को तहसील का दर्जा दिये जाने के लिए प्रयास करूंगी।

2 जिला पंचायत उपाध्यक्ष रायपुर नवीन अग्रवाल ने कहा कि शीघ्र ही एक प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित खरोरा को तहसील का दर्जा दिए जाने का प्रयास करेंगे।

3 श्रमजीवी पत्रकार संघ खरोरा के अध्यक्ष निलेश गोयल ने कहा कि निश्चित तौर पर शासन को क्षेत्रवासियों की मांग ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर खरोरा को तहसील का दर्जा दिया जाना चाहिए।

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