खरसिया में अधिकारी, उत्तराधिकारी और जनकल्याणकारी के बीच होगा मुकाबला – अमित जोगी

भ्रष्टाचार और प्रशासनिक आतंकवाद के विरुद्ध कार्यवाही करने के बजाय भाजपा अधिकारियों को दे रही टिकट

रायपुर: छत्तीसगढ़ के किसान, युवा, महिला, व्यापारी, शिक्षक, छात्र, कामगार, सभी वर्ग, प्रशासनिक आतंकवाद और कमीशनखोरी से त्रस्त हैं। आये दिन अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार के नए नए खुलासे हो रहे हैं। लेकिन अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही करने के बजाय, उन्हें जवाबदार बनाने के बजाय, भाजपा जनभावनाओं के विरुद्ध जाकर अधिकारियों को टिकीट दे रही है। लगता है खरसिया में भाजपा को कोई उम्मीदवार नही मिला जो पार्टी की सेवा वर्षों से कर रहा हो इसलिए अधिकारी को नौकरी छुड़वाकर उतारा गया है।

खरसिया में विभिन्न समाज के लोगों का पर्याप्त जनसंख्या होने के बाद भी उन्हें अब तक प्रतिनिधित्व नही मिला है जोकि उन्हें मिलना चाहिए। अमित जोगी ने खेद प्रकट हुए कहा कि इस बार 2018 में दोनो राष्ट्रीय दलों ने विकासवाद नही बल्कि जातिवाद के आधार पर खरसिया की सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। ये ठीक नही है। खरसिया के लोग इस बार राष्ट्रीय दलों के जातिवाद को चलने नही देंगे। खरसिया में दूसरों को भी मौका मिलना चाहिए। खरसिया विधानसभा के सभी समाज और वर्ग के लोग जागृत हो गए हैं। खरसिया के लोगों के दिल की आवाज़ है कि:

ओ.पी-यू.पी एक समान

जातिवाद की पुरानी दुकान

चालीस साल से नही मिल रहा दूसरों को स्थान

अब जागेगा खरसिया-अब देगा दूसरे को कमान।

 

ये मुकाबला अधिकारी, उत्तराधिकारी और जनकल्याणकारी के बीच है। और खरसिया की जनता इस बार भेजे गए अधिकारी और थोपे गए उत्तराधिकारी को नही बल्कि एक जमीनी और जनकल्याणकारी नेता को चुनेगी जो किसी जाति विशेष का नहीं बल्कि सभी खरसिया वासियों का कल्याण कर सके।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) जमीन से जुड़ी है। हमें पूरे क्षेत्र में हर वर्ग का भरपूर समर्थन मिल रहा है। खरसिया विधानसभा क्षेत्र की जनता प्रचंड बहुमत से हमारे प्रत्याशी को विजयी बनाएगी।

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