शिखर वार्ता के लिए युद्ध विराम गांव जाएंगे किम जोंग

सियोल : उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के कोरियाई शिखर वार्ता में शामिल होने के ऐतिहासिक फैसले के बाद क्षेत्र में शांति की उम्मीद जगी है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई-इन के साथ शिखर बैठक के लिए किम जोंग शुक्रवार को असैन्यकृत क्षेत्र में युद्ध विराम गांव पैनमुंजोम पहुंचेंगे। कोरिया युद्ध के 65 वर्षों बाद पहली बार उत्तर कोरिया का शासक दक्षिण में पांव रखेगा।

उत्तर और दक्षिण कोरिया के नेताओं के बीच यह तीसरी बैठक होगी। पहली दोनों बैठकें उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में हुई थीं। इससे पहले किम के पिता किम जोंग इल ने सन् 2000 में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति किम देई-जुंग और 2007 में रोह मू-ह्यून से मुलाकात की थी।

शुक्रवार को होने वाली शिखर बैठक के दौरान उत्तर कोरिया के परमाणु जखीरे का एजेंडा सबसे ऊपर रहेगा। इसके अलावा औपचारिक तौर पर युद्ध समाप्त करने लिए दोनों कोरिया के बीच शांति संधि पर भी चर्चा हो सकती है। बैठक से किम और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बैठक का रास्ता साफ होनी की उम्मीद है। पिछले साल दक्षिण कोरिया में शरद कालीन ओलंपिक को लेकर दोनों देशों के बीच शुरू हुई बातचीत के बाद प्रायद्वीप में राजनयिक गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी आई।

कोरियाई प्रायद्वीप में हाल के राजनयिक गतिविधियों के बाद अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ सालाना सैन्य अभ्यास को हल्का कर दिया। इस साल इसकी अवधि को भी कम किया गया। एक अप्रैल से शुरू हुआ अभ्यास अप्रैल के अंत में खत्म होगा। इसमें सैनिकों की संख्या भी कम रही। पिछले साल की तरह सैन्य अभ्यास को लेकर उत्तर कोरिया की तरफ से किसी तरह की धमकियां नहीं मिलीं। यूएसएस कार्ल विंसन विमान वाहक पोत इस बार अभ्यास में शामिल नहीं हुआ। पिछले साल इसको लेकर उत्तर कोरिया ने जवाबी हमले की धमकी दी थी।

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