छत्तीसगढ़ में सेवाएं दे चुके केरलवासी केके मुहम्मद को पद्मश्री

वर्तमान में केके मुहम्मद सेवानिवृत्त हो चुके हैं, और अपने गृहराज्य केरल में निवास कर रहे हैं

रायपुर। गणतंत्र दिवस की पूर्वसंध्या पर पद्म सम्मान प्राप्त करने वालों की घोषणा में छत्तीसगढ़ पंडवानी गायिका तीजनबाई एवं बस्तर बैंड के अनूप रंजन पांडे के नाम हैं।

इसके अलावा छत्तीसगढ़ में कई वर्षों तक अपनी सेवा देने वाले प्रसिद्ध पुरातत्वविद् केके मुहम्मद भी शामिल हैं। वर्तमान में केके मुहम्मद सेवानिवृत्त हो चुके हैं, और अपने गृहराज्य केरल में निवास कर रहे हैं। इन्हें पद्मश्री से नवाजा गया है।

जहां वनाचंल के मंदिरों को किया संरक्षित, तो मुरैना के 200 प्राचीन मंदिरों को पुनर्स्थापित

मुहम्मद ने वनाचंल के बारसूर और समलूर मंदिरों को संरक्षित किया। इस क्षेत्र को नक्सल गतिविधियों का गढ़ माना जाता था। 2003 में केके मुहम्मद नक्सल कार्यकर्ताओं को समझाने में सफल हुए और उनके सहयोग के साथ मंदिरों को आज के वर्तमान राज्य में संरक्षित कर दिया।

इसके अलावा ग्वालियर से 40 किमी दूर स्थित बटेश्वर मुरैना में 200 प्राचीन शिव और विष्णु मंदिरों को पुनर्स्थापित करने का निश्चय लिया। लेकिन उस समय यहां पर डकैतों का राज था। जिसके बाद मुहम्मद ने क्षेत्र में सक्रिय 200 डकैतों को समझाने का निर्णय लिया।

और इस निर्णय में वो सफल भी रहे, और अपने कार्यकाल के दौरान वह 60 मंदिरों को पुनर्स्थापित किए। बता दें कि इन मंदिरों का निर्माण 9 वीं और 11 वीं सदीं के समय गुर्जर-प्रतिहार राजवंशों ने किया था।

केके मोहम्मद केरल के कालीकट के मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते थे। सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय कोदवली से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से इतिहास में मास्टर डिग्री ली और डिप्लोमा इन पुरातत्व स्कुल ऑफ़ पुरातत्व सर्वेक्षण, पुरातात्विक सर्वेक्षण नई दिल्ली से उन्होंने स्नातकोत्तर की शिक्षा हासिल की।

भारतीय पुरातत्वविद् केके मुहम्मद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के क्षेत्रीय निर्देशक थे। इसके साथ आगा खान संस्कृति ट्रस्ट में पुरातात्विक परियोजना निर्देशक के रूप में सेवा दे चुके हैं।

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