अजब गजबराष्ट्रीयहेल्थ

जानिए दिवाली में कहीं मिलावटी चीज़े बिगाड़ ना दे आपकी सेहत, कैसे पहचाने ?

त्योहार कोई सा भी हो, घर में जबतक मिठाई नहीं होती तब तक त्योहार, त्योहार नहीं लगता है। घर में भी मिठाई लाने की बच्चे जिद पर अड़े रहते हैं। यही नहीं अगर त्योहार की मुबारकबाद दूसरे के घर पर जाकर दे रहे हैं तो साथ में मिठाई जरूर होनी चाहिए। लेकिन जरा सावधान हो जाएं।

कहीं मिलावटी शहद, हींग और नारियल तेल बिगाड़ ना दे आपकी सेहत, ऐसे जांचें शुद्धता बाजार में मिलावटी चीजों का पता करने के लिए कुछ आसान नुस्खे बताए हैं। इसे कोई भी अपने घर में आराम से कर सकता है।

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने बाजार में मिलावटी चीजों का पता करने के लिए कुछ आसान नुस्खे बताए हैं। इसे कोई भी अपने घर में आराम से कर सकता है। ऐसे में त्योहारी सीजन में नकली और मिलावटी उत्पादों से बचने के लिए ये सबके के लिए बहुत काम की बातें हो सकती हैं। नकली को ना बोलकर ही राष्ट्र और मानवता के दुश्मन मिलावट खोरों को करारा जवाब दिया जा सकता है। नकली को कहें|

मनाएं हैप्पी एंड सेफ दिवाली, इन बातों का रखें खास ख्याल

जो मिठाई आप या फिर आप किसी के लिये लेकर जा रहे हैं। वो मिठाई कम जहर तो नहीं इसका भी आपको पता होना चाहिए। असल में त्योहार आते ही। मिलावट खोर गैंग सक्रिय हो जाते हैं। जो करोड़ों रुपए मिलावटी चीजें बनाकर कमा लेते हैं। ऐसे मिलावटखोर हरियाणा, यूपी, पंजाब, हिमाचल प्रदेश में सबसे ज्यादा सक्रिय हैं। जो नकली खोया, मावा, पनीर, देशी घी और इनसे बनने वाली मिठाईयों बना भी रहे हैं।

जिनके पास लाखों रुपए का ऑर्डर इन चीजों को लेने का आ चुका है। फूड एंड सप्लाई विभाग के अधिकारी भी इन जैसे गैंग को पकडऩे के लिये छापेमारी कर रहे हैं। ऐसा सामान बनाने वाले सूत्र बताते हैं कि दीपावली पर ही करीब तीस करोड़ रुपए का कारोबार होता है। दीपावली पर सबसे ज्यादा नकली सामान बनाने और मिठाई बनाने का कारोबार होता है। गत् शनिवार को ही नरेला इलाके में लाखों रुपए का नकली सामान जब्त कर कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया था।

शहद में चीनी की मिलावट

पारदर्शी गिलास में पानी लें।

शहद की एक बूंद गिलास में डालें।

शुद्ध शहद पानी में मिलेगी नहीं।

यदि शहद की बूंद पानी में मिल गई तो समझिए उसमें चीनी मिलाई गई है।

रूई की एक बत्ती लीजिए। शहद में पूरी तरह गीली कर लें। माचिस की तीली से उसे जलाएं।
शुद्ध शहद जलने लगेगी।

मिलावटी शहद होगी तो पानी की मौजूदगी के चलते जलेगी नहीं और जलेगी भी तो उसमें से आवाज होगी।

नारियल तेल में अन्य तेल की मिलावट की पहचान

एक पारदर्शी गिलास में नारियल तेल लें।

30 मिनट तक इस गिलास को फ्रिज में (फ्रीजर नहीं) रख दें।

कुछ देर बाद नारियल तेल जमने लगता है।

यदि नारियल तेल में मिलावट है तो दूसरे तेल की अलग परत स्पष्ट रूप से दिखेगी।

चीनी में चाक पाउडर की मिलावट

पारदर्शी गिलास में पानी लें।

10 ग्राम नमूना पानी में घोलें।

यदि चीनी में चाक पाउडर होगा तो वह गिलास की तली में बैठ जाएगा।

हींग में विदेशी रेजिन की मिलावट

एक चम्मच में हींग रखकर उसे गर्म कीजिए।

शुद्ध हींग कपूर की तरह जलेगी।

मिलावटी हींग से कपूर की तरह सफेद लपटें नहीं निकलेंगी। अगर ऐसा होता है तो समझिए कि हींग में विदेशी रेजिन की मिलावट हुई है।

नकली मावा

मिनलावट खोरों की मानें तो एक किलो असली दूध से 200 ग्राम मावा निकलता है। लेकिन त्योहारों में मांग ज्यादा होने पर और मांग को पूरा करने के लिये वो मिलावटी मावा बनाने के लिये शकरकंदी, आलू, मैदा, आयोडिन, आटा, कुछ कैमिकल और सिंघाड़े का आटा आदि का इस्तेमाल करते हैं।

इसी तरह से सिंथेटिक दूध बनाने के लिये कपड़े धोने वाला डिटर्जेंट सोडा, फॉरेमैलिन और वाशिंग पाउडर, यूरिया का इस्तेमाल करते हैं। जो सफेद दूध से भी ज्यादा सफेद दिखाई देता है। लेकिन उबालने पर उसमें पीला रंग सामने दिखाई देता है। इसका सेवन करने से फूड पॉयजनिंग, किडनी और लिवर की बीमारी,दस्त आदि हो जाते हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी

खासतौर पर दीपावली त्योहार आते ही खाद्य सुरक्षा विभाग भी छापेमारी करते हुए गंभीरता दिखाता है। लेकिन सच यह है कि इस त्योहार पर खेल कुछ और भी दिखाई देता है। पूरे साल विभाग की छापेमारी और दीपवली त्यौहार के दौरान होने वाली छापेमारी सं या का आकलन करें तो इस त्यौहार की छापेमारी सालभर की छापेमारी से ज्यादा होती है। कई चालान कटे भी जाते हैं। सूत्रों की मानें तो दीपावली पर छापेमारी के लिये विभाग के पास अधिकारियों की सं या काफी कम होती है। विभाग भी दीपावली पर चौकस दिखाई देता है।

लेकिन सच्चाई यह है कि राजधानी की मिठाई दुकानों पर छापेमारी की जाती है. इस दौरान कई मिठाइयों का सैंपल भी लिया जाता है। लेकिन कौन-कौन सी मिठाई में मिलावट और किस दुकान पर क्या कारवाई हुई, इसका पता नहीं लग पाता है. कारज़्वाई भी राम भरोसे ही रहता है. यही वजह है कि मिठाई दुकानदार के हौसले बुलंद होते हैं और हर साल मिलावटी मिठाई का गोरखधंधा करते हैं।

अब मिठाई से मोह हो रहा है कम

मिलावटी मिठाईयों को देखते हुए अब लोगों में जागरूकता भी आई है। अभी तक की बात की जाए तो मिठाईयों की खरीदारी से लोगों का मोह भी काफी कम हो रहा है। अब नमकीन,चॉकलेट और फ्रूट पैकेटों की तरफ लोगों का मोह ज्यादा हो रहा है। मजाक में लोग यहां तक कह रहे हैं कि हम भगवान को जो मिठाई भोग में चढ़ा रहे हैं। उससे भगवान भी बीमार पढ़ सकते हैं। बाजारों में मिठाई से ज्यादा दूसरे खाने के पैकेट की मांग काफी ज्यादा हो गई है। कई जगह तो भोग की थाली में मिठाई कम और चॉकलेट व नमकीन ज्यादा दिखाई देने लगा है।

मां बनने वाली हैं तो इस दिवाली रहें पटाखों से दूर, वरना…

जानकार बताते हैं कि त्योहारों पर मिठाई बनाने के लिये इस्तेमाल होने वाले सामान की मांग सौ गुना बढ़ जाती है। जबकि उत्पादन एक मात्रा में ही होता है। मांग को पूरा करने के लिये मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। जो सिंथेटिक मावा, खोया,दूध, दही पनीर बनाकर लाखों रुपए का मुनाफा कमाते हैं। जबकि इन सिंथेटिक सामान से बनने वाली मिठाइयों से लोग बीमार होकर गंभीर बिमारियों का शिकार हो जाते हैं। भारत में ऐसे मिलावटखोरों के खिलाफ सजा का भी प्रावधान हैं।

Summary
Review Date
Reviewed Item
जानिए दिवाली में कहीं मिलावटी चीज़े बिगाड़ ना दे आपकी सेहत, कैसे पहचाने ?
Author Rating
51star1star1star1star1star
congress cg advertisement congress cg advertisement
Tags