जानिए करवा चौथ पर कितने बजे निकलेगा चांद

हिन्दू कैलेंडर के मुताबिक यह त्यौहार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है।यह त्योहार मुख्य रूप से नॉर्थ इंडिया में मनाया जाता है। करवा चौथ के त्योहार पर बाजार जगमगा रहे हैं। महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए बिना कुछ खाएं व्रत करती है। पत्नी रात को चांद के सामने पति को छलनी में देखकर अपना व्रत पूरा करती है। इस साल रात 08:27 पर चांद के उगने की उम्मीद है।

हिन्दू कैलेंडर के मुताबिक यह त्यौहार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है।यह त्योहार मुख्य रूप से नॉर्थ इंडिया में मनाया जाता
है। 8 अक्टूबर (रविवार) को करवा चौथ की पूजा करने का कुल समय 1 घंटे 14 मिनट होगा। पूजा चतुर्थी तिथि 8 अक्टूबर को 04:58 बजे शुरू होगी और चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर को 02:16 बजे समाप्त हो जाएगी।

शादीशुदा महिलाएं बिना भोजन किए भगवान से पति की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती है। शादीशुदा महिलाएं सूरज निकलने से पहले उठकर सरगी खाती हैं। इसके बाद पूरे दिन बिना पानी पीए पति की लंबी उम्र के लिए उपवास रखती हैं। शाम के समय महिलाएं रंगीन चमकदार कपड़े पहनकर हाथों में मेहंदी लगाकर चांद निकलने का इंतजार करती है।

महिलाएं दिन में भगवान शिव, गणेश, कार्तिकेय और देवी पार्वती की पूजा करती है। करवा चौथ को करक चतुर्थी के रूप में भी जाना जाता है। करवा या करक का मतलब होता है एक मिट्टी के बर्तन का उपयोग जिसमें एक महिला चंद्रमा को अरघ्य (भेंट) देती है।

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