जानिए मुरब्बा के फायदे जो आपको रखता है इन बीमारियों से दूर

मुरब्बा परम्परागत रूप से मीठा होता है। यह भारत और पाकिस्तान में काफी प्रचलित है। यह युनानी दवाई प्रकार का सबसे प्रचलीत एवम असरदार संशोधन है. युनानी वैद्यकीय प्रणाली मे मुरब्बा, चटनी और माजुन के रुप मे दवा का स्वरुप है. ईसमे मिठास केलीए गुड और चिनी दोनो का उपयोग होता है.

वैसे अगर बात करें तो मुरब्बे का नाम सुनते ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है। क्या आप जानते हैं कि आंवले के मुरब्बे के अलावा कई और चीजों के भी मुरब्बे बनाये जाते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इसमें विटामिन, कैल्शियम, आयरन, फाइबर और मिनरल का सबसे अच्छा स्रोत हैं। इसके सेवन से प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होती है और हम हेल्दी बने रहते हैं। आइए हम जानते हैं कि जानें कौन-कौन से मुरब्बे हमारी सेहत के लिए कैसे फायदेमंद होते हैं।

नींबू के आकार वाला आंवला विटामिन सी, अमीनो एसिड और तांबा, जस्ता ढेर सारे मिनरल्स का भंडार है। इसके नियमित सेवन से हमारे पाचन तंत्र और इम्युन सिस्टम को मजबूत करते है। आंवले के मुरब्बे में मौजूद विटामिन सी शरीर में कैल्शियम, और आयरन के अवशोषणा को बढ़ावा देता है। इससे कफ और पित्त संबंधी समस्याओं से आराम मिलता है। हमारे शरीर में बढ़ती उम्र के साथ पड़ने वाली झुर्रियों, नजर कमजोर होने जैसे प्रभावों को यह कम करता है। यही नहीं ये एसिडीटी का रामबाण इलाज है। ये याददाश्त और हीमोग्लोबिन भी बढ़ाता है।

एंटीऑक्सीडेंट तत्वों से भरपूर गाजर का मुरब्बा खून की कमी दूर करता है। आंखों की रोशनी बढ़ाने के साथ ये पेट की जलन को दूर करता है। हाई बीपी के साथ ये कैंसर जैसे रोंगों के जोखिम को भी दूर करने वाला होता है।

इसमें मौजूद बीटा कैरोटीन और विटामिन ए जैसे पोषक तत्व कैंसर और रतौंधी को रोकने में मदद करते हैं। यह आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक है। बीटा कैरोटीन सूरज की यूवी किरणों से त्वचा को होने वाले नुकसान से बचाता है। इसलिए रोज एक मुरब्बा जरूर खाएं।

फिनोलिक नामक एंटीऑक्सीडेंट गुण से भरपूर आम का मुरब्बा शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता के विकास में सहायक है। यह अम्लता और पाचन प्रणाली में गड़बड़ी के इलाज में मदद करता है। बैक्टीरियल संक्रमण, कब्ज, दस्त, पेचिश की स्थिति में इस मुरब्बे के सेवन से आराम मिलता है।

इसमें मौजूद विटामिन ए, बीटा कैरोटीन, विटामिन ई और सेलेनियम हृदय रोग के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करते हैं। यह नेत्र विकारों के इलाज में भी मददगार है। इसमें आयरन तत्व काफी मात्रा में मिलते हैं। इसके सेवन से शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर नियंत्रित रहता है। यह एनीमिया से पीड़ित व्यक्ति और गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद है। कैलरी और काबोर्हाइड्रेट की अधिकता वाला आम का मुरब्बा वजन बढ़ाने और शरीर को तंदुरुस्त रखने के इच्छुक व्यक्तियों के लिए फायदेमंद है। यह एनर्जी बूस्टर का काम करता है।

हम सभी जानते हैं कि सेब सेहत के लिए बहुत लाभदायक होता है। लेकिन सेब से भी ज्यादा उसका मुरब्बा सेहत से भरा होता है। दिल से जुड़ी बीमारियों से लेकर मानिसक तनाव, डिप्रेशन, स्ट्रेस, सिरदर्द, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा और भूलने की बीमारी को दूर करने वाला होता है। ये स्कर्वी रोग को दूर करने के साथ एंटी एजिंग, कमजोरी दूर करने और असमय बाल सफेद होने को दूर करता है। कोलाइडियन नामक आयरन से भरपूर सेब का मुरब्बा एनीमिया से ग्रस्त लोगों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

हरड़ के मुरब्बे के नियमित सेवन से चोट या घाव होने पर जल्द आराम मिलता है। यह सूजन को कम करता है। यह भूख न लगने, पेट में कीड़े होने और पाचन संबंधी समस्याओं में राहत दिलाता है। जठरांत्र रोगों, ट्यूमर, बवासीर, मूत्र विकारों और मूत्राशय की पथरी में हरड़ के मुरब्बे का सेवन काफी लाभदायक होता है। मुरब्बे को गुड़ के साथ सेवन करने पर गठिया में सुधार हो सकता है।

टेनिन और रेचक गुणों से भरा बेल का मुरब्बा पेचिश, हैजा, डायरिया जैसी बीमारियों में ही नहीं पाचन संबधी बीमारी के साथ एसिडीटी को दूर करने वाला होता है। ये इम्युन को मजबूत बढ़ाने के साथ गर्मी से जुड़ी बीमारियों को भी दूर करता है।

मुरब्बे हमारे शरीर में पोषक तत्वों की जरूरत को पूरा करते हैं, फिर भी इनमें कैलरी और शर्करा काफी मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए इनका सेवन एक सीमा में ही करना श्रेयस्कर है।

सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित व्यक्ति को ठंडी तासीर वाले इन मुरब्बों को खाने से बचना चाहिए। डायबिटीज के रोगी को इन मुरब्बों का सेवन करते समय चीनी सिरप कम से कम मात्रा में लेना चाहिए, ताकि उन्हें ब्लड में शुगर लेवल बढ़ने का खतरा न रहे। इन्हें सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए।

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