जानिए कब से शुरू हो रहा है होलाष्टक, होलिका दहन से पहले न करें ये शुभ कार्य

आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) छतरपुर मध्यप्रदेश, किसी भी प्रकार की समस्या समाधान के लिए सम्पर्क कर सकते हो, सम्पर्क सूत्र:- 9131366453

हिन्दू धर्म में होली से आठ दिन पहले सभी शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। इस समयावधि को होलाष्टक कहा जाता है। फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से लेकर होलिका दहन तक होलाष्टक रहता है। इस बार होलिका दहन 29 मार्च को होगा, तो होलाष्टक 22 से 28 मार्च तक रहने वाला हैं। होलाष्टक में शुभ कार्य वर्जित होते हैं। लेकिन जन्म और मृत्यु से जुड़े काम काज किए जा सकते हैं।

होलाष्टक के दौरान न करें ये काम

होलाष्टक में 8 दिन तक मांगलिक कार्य करने की मना होती है। इस दौरान शादी-विवाह, भूमि पूजन, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य, नया व्यवसाय या नये काम शुरु नहीं करने चाहिए। शास्त्रों के अनुसार होलाष्टक शुरू होने के साथ ही 16 संस्कार जैसे- नामकरण, जनेऊ, गृह प्रवेश, विवाह संस्कार जैसे शुभ कार्यों पर भी रोक लग जाती है। किसी भी प्रकार का हवन, यज्ञ कर्म भी इन दिनों में नहीं किया जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार ऐसा भी माना जाता है कि इन दिनों में नव विवाहितोओं को अपने मायके में रहना चाहिए।

होलाष्टक की अवधि भक्ति की शक्ति का प्रभाव बताती है। इस अवधि में तप करना ही अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि होलाष्टक शुरू होने पर एक पेड़ की शाखा काट कर उसे जमीन पर लगाकर इसमें रंग-बिरंगे कपड़ों के टुकड़े बांधे जाते हैं। इसे भक्त प्रह्लाद का प्रतीक माना जाता है। जिस जगह पर होलिका दहन के लिए पेड़ की शाखा काट कर रखी जाती है वहां होलिका दहन से पहले कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।

किसी भी प्रकार की समस्या समाधान के लिए आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) जी से सीधे संपर्क करें = 9131366453

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