ज्योतिष

जाने कौन सा ग्रह इंसान को आत्मविश्वासी बनाता है?

आचार्या रेखा कल्पदेव :

आत्मविश्वास से परिपूर्ण व्यक्ति ही जीवन में अपने सभी लक्ष्य प्राप्त कर सकता है। यह आत्मविश्वास की ही शक्ति है जिसके बल पर मुश्किल से मुश्किल कार्य पूरे किए जा सकते है। इसके बिना एक सैनिक हथियारयुक्त होने पर भी कुछ नहीं कर पाता है, और बिना लड़े ही युद्ध से वापस आता है।

आत्मविश्वास की शक्ति व्यक्ति को मुश्किलों से लड़ने की शक्ति देती है। आत्मविश्वास हो तो व्यक्ति भविष्य के प्रति उन्मुख रहता है। इसके होने पर व्यक्ति अकेला होकर भी कई के बराबर होता है। आज तक जो भी व्यक्ति महान बने हैं, जिन भी लोगों ने महान कार्य पूर्ण किए है। उन सभी का आत्मविश्वास ऊंच था।

यदि इसे सफलता की प्रथम कुंजी कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। मित्रों में यह सबसे बड़ा मित्र और जीवन के अंधकार में ज्योति के समान कार्य करता है। सभी कठिन कार्यों के पीछे जो शक्ति कार्य करती है वह एकमात्र आत्मविश्वास की शक्ति है।

हजारों लाखों लोग एक समान पृष्ठभूमि में जन्म लेते हैं कुछ सफलता और उन्नति के आसमान पर सितारा बनकर चमकते हैं, ये वे व्यक्ति होते हैं जिनमें आत्मविश्वास की ऊर्जा होती है। योग्यता अनुसार सफलता हासिल होना, आत्मविश्वास को स्वत: ऊपर उठाता है। इसके विपरीत उच्चमत्वाकांक्षी होना कभी कभी आत्महीनता का कारण भी बनता है।

मेहनत के हिसाब से प्रगति होना व्यक्ति को आगे बढ़ाता है, और आत्मविश्वास को भी बेहतर करता है। आत्मविश्वास के साथ कही गई बातों को प्रत्येक व्यक्ति स्वीकार करता हैं और ऐसे व्यक्ति की सफलता को कोई नहीं रोक सकता है।

अब प्रश्न यह उठता है कि वैदिक ज्योतिष में आत्मविश्वास का कारक ग्रह कौन सा है? प्रकाश और ऊर्जा के कारक ग्रह सूर्य ही आत्मविश्वास के भी कारक ग्रह है। जिस प्रकार अंधेरी रात को सूर्य का प्रकाश समाप्त कर देता है ठीक उसी प्रकार सूर्य का बली होना, व्यक्ति को आत्मविश्वास से ओतप्रोत कर देता है।

सूर्य को आत्मा का भी कारक ग्रह माना गया है। आत्मबल में वृद्धि करने के लिए सूर्य पूजन करने के लिए कहा जाता है। समस्त जगत को अपनी ऊर्जा से रोशनी देने वाला ग्रह सूर्य जन्मपत्री में जिस भी अवस्था में स्थित होता है ठीक उसी प्रकार व्यक्ति में आत्मविश्वास शक्ति होती है।

सूर्य उपासना, गायत्री मंत्र और सूर्य साधनाओं को ज्योतिष और धर्म शास्त्रों में विशेष स्थान दिया गया है। नौ ग्रहों में सूर्य के महत्व को समझते हुए ही उन्हें सभी ग्रहों में राजा का स्थान दिया गया है। आत्मविश्वास के अतिरिक्त सूर्य इच्छा शक्ति, संकल्प शक्ति और प्रतिष्ठा का प्रतीक ग्रह है।

जिन व्यक्तियों की कुंडली में सूर्य स्वराशि सिंह या उच्च राशि मेष में होता हैं उन व्यक्तियों में आत्मविश्वास सामान्य से अधिक पाया जाता है। यह भी अनुभव में पाया गया है कि ज्न्मपत्री में सूर्य यदि नीच राशि अर्थात तुला राशि में स्थित हों या सूर्य अंशों में कम हो तो व्यक्ति में आत्मविश्वास बहुत होता है।

सूर्य का शुभ ग्रहों के साथ होना और शुभ ग्रहों से दॄष्ट होना आत्मविश्वास शक्ति को बढ़ाता है। सूर्य यदि जन्मपत्री में अपने सभी शुभ फल देने में असमर्थ हो तो व्यक्ति को उच्चाधिकारियों का सहयोग समय पर नहीं मिल पाता है। सभा में अपनी बात कहने में व्यक्ति को संकोच होता है। ऐसे व्यक्ति को ह्रदय संबंधी रोग जल्द अपने प्रभाव में लेता है।

संकल्पशक्ति और आत्मशक्ति ऐसे व्यक्तियों में बहुत कमजोर पायी जाती है। जिन भी व्यक्तियों को जीवन में ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हों ऐसे व्यक्तियों की कुंड्ली में सूर्य निर्बल स्थिति में स्थित है। ऐसे व्यक्तियों को प्रतिदिन प्रात:काल में सूर्य की आराधना करनी चाहिए।

सूर्य को जल देना, सूर्यनमस्कार करना और सूर्योदय के समय सूर्य मंत्र का जाप करना आत्मविश्वास को बढ़ाने का अचूक उपाय है। जो व्यक्ति बहुत जल्द बीमार होते रहते हैं, उन व्यक्तियों को भी सूर्य यंत्र स्थापित कर,सूर्य का प्रतिदिन पूजन करना चाहिए।

• प्रतिदिन सुबह पूजा करने के बाद आदित्य ह्रद्य स्तोत्र का पाठ करने से सूर्य को बल मिलता है। लगातार 21 दिन यह पाठ करना आत्मविश्वास बढ़ाता है और सकारात्मक शक्ति देता है।

• तांबे के बर्तन से सूर्य को जल देना भी एक सरल और सहज उपाय है। इससे भी सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

• ॐ घृणि सूर्याय नमः मंत्र का नित्य जाप करना चाहिए।

• सूर्य देव का दर्शन-पूजन करना आत्मविश्वास बढ़ाता है।

• सूर्य शुभ स्थिति हो तो व्यक्ति को सूर्य रत्न माणिक्य धारण करना चाहिए।

• सोमवार के दिन भगवान शिव का पूजन करना चाहिए। गाय को गुड़ और भीगे हुए गेहूं खिलानें चाहिए।

• तांबे के चौकोर टुकड़े सोमवार के दिन बहते हुए जल में प्रवाहित करना चाहिए।

• रविवार के दिन का स्वामी सूर्य हैं, सूर्य को शुभता देने के लिए और रविवार के दिन को शुभ करने के लिए गुड़ और थोड़ा पानी पीकर ही घर से निकलना चाहिए।

• सूर्य ग्रह को शुभता देने के लिए रविवार के दिन नमक का सेवन करने से बचना चाहिए।

• अपने साथ सदैव चांदी का सिक्का रखें।

• कांटे के पेड़ की जड़ों में दूध डालने से सोमवार के दिन की शुभता बढ़ती है, और सूर्य ग्रह बली होता है।

ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव
कुंडली विशेषज्ञ और प्रश्न शास्त्री

ज्योतिष आचार्या रेखाकल्पदेव पिछले 15 वर्षों से सटीक ज्योतिषीय फलादेश और घटना काल निर्धारण करने में महारत रखती है. कई प्रसिद्ध वेबसाईटस के लिए रेखा ज्योतिष परामर्श कार्य कर चुकी हैं। आचार्या रेखा एक बेहतरीन लेखिका भी हैं।

इनके लिखे लेख कई बड़ी वेबसाईट, ई पत्रिकाओं और विश्व की सबसे चर्चित ज्योतिषीय पत्रिका फ्यूचर समाचार में शोधारित लेख एवं भविष्यकथन के कॉलम नियमित रुप से प्रकाशित होते रहते हैं।

जीवन की स्थिति, आय, करियर, नौकरी, प्रेम जीवन, वैवाहिक जीवन, व्यापार, विदेशी यात्रा, ऋणऔर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, धन, बच्चे, शिक्षा,विवाह, कानूनी विवाद, धार्मिक मान्यताओं और सर्जरी सहित जीवन के विभिन्न पहलुओं को फलादेश के माध्यम से हल करने में विशेषज्ञता रखती हैं।

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