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यो-यो टेस्ट के लिए कोहली अनुष्का संग बेंगलुरू रवाना

नई दिल्ली: गर्दन में दर्द रहने के बावजूद भी भारतीय क्रिकेट के कप्तान विराट कोहली फिटनेस टेस्ट देने के लिए तैयार थे। वह टेस्ट की तैयारियों में वह काफी समय से जुटे रहे। वह 15 जून को फिटनेस टेस्ट देने के लिए अपनी पत्नी अनुष्का के साथ बेंगलुरु के लिए रवाना हुए। उसी दौरान उन्हें मुंबई एयरपोर्ट देखा गया। कई दिनों से विराट अपने शरीर को टेस्ट के काबिल बना रहे थे। लेकिन गर्दन में चोट की वजह से उनकी इंग्लैंड दौरे की तैयारियों को झटका लगा है और वह इंग्लिश काउंटी सर्किट में भी नहीं खेल पाएंगे।

इंग्लैंड दौरे में कोहली को फिटनेस टेस्ट में पास होना जरूरी ; इंडिया के कप्तान के फिटनेस टेस्ट एक महासंग्रम की तरह ही है। इस टेस्ट के बाद उन्होंने ब्रिटेन दौर के सीमित ओवरों के शुरुआती चरण में उनकी उपलब्धता की पुष्टि हो पाएगी। इस दौरे की शुरुआत जून के अंतिम हफ्ते में आयरलैंड के खिलाफ दो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के साथ होगी। कोहली को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

2014 में विराट का इग्लैंड दौरा काफी समय तक खराब साबित हुआ। लेकिन इस बार उन्होंने फिटनेस टेस्ट पास करने के लिए काफी मेहनत की। वह अपनी गल्तियों को सुधारने के लिए बहुत उत्साहित है। उनका मानना है कि 1 अगस्त से भारत को इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले आयरलैंड के साथ 2 टी-20, इंग्लैंड के खिलाफ 3 वनडे और 3 टी-20 मैच खेलने हैं।

यो-यो टेस्ट शमी और सैमसन के लिए बना अभिशाप : यो-यो टेस्ट पास करना प्लेयरों के लिए काफी मुश्किल होगा। जिसकी वजह से तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी बेंगलुरु की नेशनल एकेजमी में फेल हो गए। और उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ इस ऐतिहासिक टेस्ट से बाहर होना पड़ा है। इसके अलावा टेस्ट में फेल होने की वजह से युवा संजू सैमसन को भी इंग्लैंड जाने वाली इंडिया-ए टीम से बाहर हो गए।

यो-यो टेस्ट को पंड्या- नायर ने मेहनत से किया पास : भारतीय टीम में यो-यो टेस्ट पास करने का मौजूदा रिकोर्ड अब तक 16.1 रहा है। जो खिलाड़ी के लिए उनकी फिटनेस का विश्लेषण करता है। बीसीसीआई के अनुसार करुण नायर और हार्दिक पंड्या यो-यो टेस्ट में दो सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी थे जिनका स्कोर 18 से अधिक था।

फिटनेस टेस्ट पास कर पाएंगे कोहली? क्रिकेट के कप्तान कोहली ने फिटनेस टेस्ट पास करने के लिए काफी समय से तैयारियां की हुई । लेकिन टेस्टे के बाद ही पता लगेगा कि वह पास हो पाते है या नहीं। उन्होंने भारतीय टीम द्वारा खेले गए कुल 95 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से 76 में वह टीम का हिस्सा रहे हैं। इस दौरान कोहली ने 25 टेस्ट, 37 एकदिवसीय मैचों के अलावा 14 टी-20 मैच खेले हैं। पिछले एक साल में तो कोहली भारतीय टीम द्वारा खेले गए सभी 9 टेस्ट मैचों में टीम का हिस्सा रहे हैं।

इसके अलावा इस अवधि में हुए 32 एकदिवसीय मैचों में से 29 में वह टीम का हिस्सा रहे और साथ ही इस दौरान सबसे ज्यादा मैच खेलने के मामले में कोहली केवल रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या से पीछे हैं। इन दोनों ने 48 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, जबकि विराट 47 मैचों का हिस्सा रहे हैं. विराट ने इन अंतरराष्ट्रीय मैचों के अलावा पिछले दो सालों में आईपीएल के तीन सीजन में 40 मैच खेले हैं।

यो-यो टेस्ट है या अग्नि परिक्षा : मैदान में कई ‘कोन’ की मदद से 20 मीटर की दूरी पर दो पंक्तियां बनाई जाती हैं। टीम के एक खिलाड़ी रेखा के पीछे अपना पैर रखकर शुरुआत करता है और ईशारा मिलते ही दौड़ना शुरू करता है। खिलाड़ी लगातार दो लाइनों के बीच दौड़ता है और जब बीप बजती है तो उसने मुड़ना होता है।

हर एक मिनट या इसी तरह से तेजी बढ़ती जाती है। अगर समय पर रेखा तक नहीं पहुंचे तो दो और ‘बीप’ के अंतर्गत तेजी पकड़नी पड़ती है। अगर खिलाड़ी दो छोरों पर तेजी हासिल नहीं कर पाता है तो परीक्षण रोक दिया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया सॉफ्टवेयर पर आधारित है, जिसमें नतीजे रिकॉर्ड किए जाते हैं।

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