क्राइम

कोलकाता: युवाओं को फंसा रहे थे इस भंवर में, जब्त मोबाइल में मिला बिटक्वाइन अकाउंट

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) कोलकाता जोनल यूनिट की टीम ने महानगर के पॉश इलाके अलीपुर में एक फ्लैट में छापेमारी कर वहां से काफी खतरनाक किस्मों के ड्रग्स जब्त को जब्त किया है.

कोलकाता : नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) कोलकाता जोनल यूनिट की टीम ने महानगर के पॉश इलाके अलीपुर में एक फ्लैट में छापेमारी कर वहां से काफी खतरनाक किस्मों के ड्रग्स जब्त को जब्त किया है. इस सिलसिले में एक डीजे व मैनेजमेंट के दो छात्रों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों के नाम विवेक शर्मा और ऋषभ शर्मा व दीप चक्रवर्ती हैं.

इनमें विवेक और ऋषभ भाई हैं और मैनेजमेंट के छात्र हैं. वहीं, दीप चक्रवर्ती दक्षिण कोलकाता के एल्गिन रोड स्थित एक नाइट क्लब व होटल में डीजे है. इनके पास से 13.5 ग्राम सफेद उच्च क्वालिटी का नशीला पावडर, 2.49 ग्राम मैजिक मशरूम, 20 (.20 ग्राम) ब्लॉट एलएसडी पेपर और नौ स्टार फिस की तरह दिखने वाले नशीले टैबलेट जब्त किये गये हैं. सभी नशीले ड्रग्स को इंडोनेशिया से मंगवाया गया था. कुल ड्रग्स की कीमत बाजार में 2.5 लाख रुपये के करीब है.

इस मामले में एनसीबी कोलकाता जोनल यूनिट के क्षेत्रीय निदेशक दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि महानगर में पहली बार मैजिक मशरूम नामक अनोखे किस्म के ड्रग्स की की बिक्री होने का पता उन्हें चला है. गिरफ्तार आरोपियों में से विवेक और ऋषभ ने वर्ष 2017 से यह धंधा शुरू किया था. दोनों ही विदेशों से इस महंगे ड्रग्स को मंगवाते थे.

इसके बाद इसकी सप्लाई नाइट क्लब के डीजे दीप चक्रवर्ती को करते थे. दीप इन मंहगे विदेशी ड्रग्स को नाइट पार्टियों में शामिल होनेवाले लोगों को बेचता था. यही नहीं, महानगर के बड़े-बड़े शिक्षण संस्थानों में भी मौजूद लोगों के जरिये व छात्रों को यह ड्रग्स बेचता था. अन्य जानकारी के लिए तीनों से विस्तृत पूछताछ हो रही है.

कोलकाता. एनसीबी कोलकाता की जोनल यूनिट के क्षेत्रीय निदेशक दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि वे डार्क वेब ब्राउसर के जरिये नीदरलैंड, साउथ अमेरिका, मलयेशिया, इंडोनेशिया और मैक्सिको जैसे देशों में ड्रग्स की डीलिंग करनेवाले ड्रग्स सप्लायरों से संपर्क करते थे. ये लोग टॉर्न सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर ब्राउसर के जरिये ऑनलाइन ड्रग्स खरीदारी करते थे.

कोलकाता. एनसीबी सूत्रों के मुताबिक महानगर में मैजिक मशरूम बेचे जाने का पहला मामला उनके पास आया है. यह मशरूम युवाओं के लिए काफी घातक है. इसमें सिलोसाइबिन ड्रग्स मौजूद होता है. इसका सेवन चॉकलेट, चाय या बटर के साथ किया जाता है.

इसे लेने के आधे घंटे बाद से यह अपना असर दिखाने लगता है. इसके प्रभाव से नशेड़ी को दिखना और सुनना बंद हो जाता है. इस तरह हर तनाव से मुक्त वह खुद को अलग दुनिया में महसूस करने लगते हैं.

इसका असर सात से आठ घंटे तक रहता है. मैजिक मशरूम मूलत: मैक्सिको, दक्षिण अमेरिका, इडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, मलयेशिया व भारत के कोडाइकनाल व उटी में पाया जाता है.

लेकिन इन लोगों के पास से जो मशरूम जब्त हुई है, उसे नीदरलैंड से मंगवाया गया है. प्रत्येक मैजिक मशरूम की कीमत 3500 रुपये के करीब होती है. भारत में इसकी बिक्री में रोक लगने के बाद से इसे ये लोग विदेश से मंगवाते थे. एनसीबी के अधिकारियों के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति इसे एक या दो बार ले, तो वह इसका आदी हो जाता है. कई देशों में इस पर बैन लगाया गया है.

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