कोंडागांव कलेक्टर नीलकंठ टेकाम ने दी देवी व देवताओं को विदाई

राज्य का बस्तर विशिष्ट परंपराओं के लिए भी प्रसिद्ध

कोंडागांव: कोंडागांव कलेक्टर नीलकंठ टेकाम ने शीतला माता मंदिर परिसर से बस्तर दशहरा देखने के लिए रवाना हुईं देवी व देवताओं को विदाई दी। राज्य का बस्तर विशिष्ट परंपराओं के लिए भी प्रसिद्ध है।

इसमें ऐतिहासिक बस्तर दशहरे में देवी-देवताओं, पुजारी, मांझी, परगना प्रमुख और मुखिया की भी प्राचीन परंपरा रही है। इस परंपरा को सहेजकर रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से भी कदम उठाए जा रहे हैं।

इन देवी देवताओं की होगी सहभागिता

बस्तर दशहरा में शामिल होने गए देवी-देवताओं में रांधना, कोकोड़ी, बालोंड, भाटगांव, पिटिसपाल, पाथरी, बालेंगा, मांडोकीखरगांव, खुटडोबरा, चरकई, खालेपारा, कोपाबेड़ा, अरगुला, तारगांव, छोटेराजपुर, किबेकोंगा, डोडरेसिमोड़ा, तितरवंड,

बड़डोई, डोंगरसिलाटी, हल्दा, बिवला, आमानार, गम्हरी, फुंडेरपानी, गडरासिमोड़ा की मां हिंगलाजिन, मावली माता, आंगादेव, बूढ़ी माता, शीतला माता, चिलगाईन माता, फुलकुंवर, कुंवारी मावली, सोनादई, भंडारिन माता आदि शामिल हैं।

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